छत्तीसगढ़ में डीएमएफ फंड घोटाला: ईडी ने कसी शिकंजा, 31 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 31.70 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इसके साथ ही सतपाल सिंह छाबड़ा और मंदीप चावला समेत 17 आरोपियों के खिलाफ रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज कराई गई है।
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के जरिए जिला खनिज न्यास निधि के कथित दुरुपयोग और अवैध कमीशनखोरी से जुड़ा है। ईडी की जांच के अनुसार, खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाले इस फंड का एक सिंडिकेट बनाकर बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। इस गिरोह में सरकारी कर्मचारियों से लेकर बिचौलिए और एजेंट शामिल थे, जो सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में हेरफेर कर मनमाने आर्डर जारी करवाते थे।
जांच में सामने आया है कि वेंडर्स और कंपनियों को मिलने वाले सप्लाई आर्डरों पर 25 से 50 प्रतिशत तक का भारी कमीशन वसूला जाता था। इस अवैध वसूली की रकम को बैंकिंग चैनलों और फर्जी खातों के जरिए घुमाकर इसके असली स्रोतों और लाभार्थियों को छिपाया जाता था। मामले में मुख्य बिचौलियों में शामिल सतपाल सिंह छाबड़ा को एजेंसी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिन पर खरीद और भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित करने का गंभीर आरोप है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में आईएएस अधिकारी रानू साहू समेत अब तक चार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, इस प्रकरण में कुल मिलाकर करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अटैच की जा चुकी है। फिलहाल एजेंसी इस घोटाले के अन्य मोर्चों, सिंडिकेट के बाकी सदस्यों और पैसों के अंतिम लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है
डीएमएफ फंड घोटाले में 31.70 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क।
सतपाल सिंह छाबड़ा और मंदीप चावला समेत 17 लोगों पर पूरक शिकायत दर्ज।
सरकारी खरीद में 25% से 50% तक अवैध कमीशन वसूलने का खुलासा।
मामले में आईएएस रानू साहू सहित अब तक चार गिरफ्तारियां।






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