google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

छत्तीसगढ़ की पटरियों पर दौड़ रहा विकास, ₹51 हजार करोड़ से बदल रही कनेक्टिविटी....

1 hour ago
2 min read

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-

छत्तीसगढ़ में रेलवे के बुनियादी ढांचे का कायापलट हो रहा है, जिससे राज्य के कोने-कोने तक आधुनिक और सुगम यातायात की पहुंच सुनिश्चित हो रही है। उन्नत प्रतीक्षालयों, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं और स्वच्छ परिसरों वाले नए स्टेशनों के बनने से यात्रियों का सफर बेहद सुरक्षित और आरामदायक हो गया है। देश के प्रमुख खनिज उत्पादक इस राज्य में वर्तमान में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जो इसकी अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को नई ताकत दे रहा है।

औद्योगिक और आर्थिक रफ्तार मजबूत रेल नेटवर्क से राज्य के उद्योगों की परिवहन लागत घटेगी और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा। इस आधुनिकीकरण से ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ किसानों को अपने उत्पाद दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के रेलवे बजट में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे व्यस्त मार्गों पर दबाव कम हो रहा है और उन दूरदराज के अंचलों तक भी ट्रेनें पहुंच रही हैं जो अब तक संपर्क से वंचित थे।


नया रेल कॉरिडोर और माल ढुलाई कोलकाता-मुंबई मुख्य मार्ग पर भारी दबाव को कम करने के लिए खरसिया-नया रायपुर-permalakasa (परमलकसा) रेल कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। लगभग 278 किलोमीटर लंबे इस नए मार्ग के बन जाने से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे व्यस्त खंडों को बाईपास करना आसान हो जाएगा। बलौदाबाजार समेत कई नए औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलने से कोयला, इस्पात, सीमेंट और बिजली उत्पादन से जुड़ी इकाइयों को बंदरगाहों और बड़े बाजारों तक माल भेजने में अभूतपूर्व सहूलियत मिलेगी।

बस्तर और उत्तर छत्तीसगढ़ में राह आसान दशकों से कछुए की चाल चलने वाली बस्तर की रेल परियोजनाओं ने अब रफ्तार पकड़ ली है। रावघाट-जगदलपुर लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है, जबकि किरंदुल-कोत्तागुडेम और गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल रेल लाइनों का सर्वे जारी है। दल्लीराजहरा से अंतागढ़ तक ट्रेनें शुरू होने से हजारों ग्रामीण पहली बार मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर और धरमजयगढ़-लोहरदगा जैसे नए उत्तर छत्तीसगढ़ीय कॉरिडोर भी क्षेत्र के खनिज परिवहन, व्यापार और पर्यटन को एक नई दिशा देने के लिए तैयार हो रहे हैं।


अमृत भारत स्टेशनों से चमक रही सूरत सिर्फ नई पटरियां ही नहीं, बल्कि मौजूदा स्टेशनों का भी कायापलट किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, जिसमें चांपा, बालोद और सरोना जैसे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के पुनर्विकास से न केवल यात्रियों का सफर सुखद हुआ है, बल्कि स्थानीय व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिकी को भी जोरदार प्रोत्साहन मिल रहा है।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html