FCRA संशोधन और दिल्ली विरोध प्रदर्शनों के वित्तीय स्रोतों की निष्पक्ष जाँच की माँग...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर, छत्तीसगढ़: सामाजिक कार्यकर्ता नितिन लॉरेंस ने FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) संशोधन विधेयक से जुड़े घटनाक्रम और दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शनों के वित्तीय स्रोतों, आयोजकों की भूमिका तथा अन्य गतिविधियों की निष्पक्ष जाँच कराए जाने की पुरजोर माँग की है।
इस सिलसिले में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ईमेल के जरिए औपचारिक शिकायत-पत्र भेजा है। इसके अलावा, जनशिकायत पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी गई है, जिसका पंजीकरण क्रमांक PMOPG/E/2026/0198315 है।

शिकायत में उठाए गए प्रमुख बिंदु: -
विधायी घटनाक्रम और प्रदर्शनों का संबंध: FCRA संशोधन से जुड़े घटनाक्रमों और दिल्ली के प्रदर्शनों के उद्देश्यों व सार्वजनिक बयानों के बीच किसी भी संभावित मेल या संबंध का तथ्यात्मक परीक्षण किया जाए।
फंडिंग और वित्तीय स्रोतों की पारदर्शिता: आयोजनों, यात्रा, प्रचार-प्रसार, आवास और अन्य लॉजिस्टिक्स में लगने वाले धन के स्रोतों और उनके उपयोग की गहराई से जाँच हो।
विदेशी अंशदान के नियमों का अनुपालन: संबंधित संस्थाओं द्वारा FCRA के तहत तय नियमों और विदेशी फंडिग के प्रावधानों का पालन हुआ है या नहीं, इसकी जाँच विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर की जाए।
युवाओं की भागीदारी और डिजिटल गतिविधियाँ: सोशल मीडिया प्रचार, भ्रामक सूचनाओं के प्रसार या सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
संगठित वित्तीय सहायता: यदि किसी तीसरे पक्ष या संस्था की संदिग्ध भूमिका सामने आती है, तो कानून के दायरे में उसकी जाँच हो।

नितिन लॉरेंस ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय या संबंधित सक्षम प्राधिकारियों से आग्रह किया है कि इन सभी बिंदुओं की गहन जाँच के लिए एक स्वतंत्र दल गठित किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की वित्तीय पारदर्शिता, राष्ट्रीय एकता, सार्वजनिक शांति और युवाओं का भविष्य सर्वोपरि है। यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था नियमों के उल्लंघन या हिंसा को बढ़ावा देने में संलिप्त पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। किसी भी निष्कर्ष पर केवल पुख्ता और विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर ही पहुँचा जाना चाहिए। इस शिकायत का उद्देश्य किसी को पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर दोषी ठहराना नहीं, बल्कि कानून के शासन और वित्तीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।
शिकायत का विवरण:
ऑनलाइन पोर्टल पंजीकरण संख्या: PMOPG/E/2026/0198315
माध्यम: प्रधानमंत्री कार्यालय को ईमेल और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रेषित (स्पीड पोस्ट द्वारा प्रेषित किए जाने की प्रक्रिया जारी)।






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