दीप राजा: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से छत्तीसगढ़ी सिनेमा तक का सफर...
दीप राजा: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से छत्तीसगढ़ी सिनेमा तक का सफर, अभिनय, गायकी, गीत लेखन और संगीत रचना की एक प्रेरणादायक कहानी।
दीप राजा (Deep Raja) — एक्टर, सिंगर, राइटर और कंपोज़र।

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर/// बिलासपुर/// जांजगीर चांपा :- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के छोटे से शहर तखतपुर में रहने वाले दीप राजा आज अभिनय, गायकी, गीत लेखन और संगीत रचना के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनका जन्म 29 नवंबर को हुआ। बचपन से ही अभिनय और मनोरंजन की दुनिया के प्रति उनका लगाव रहा और इसी रुचि ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। दीप राजा का फिल्मी सफर केवल एक कलाकार के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में भी रहा है, जिसने अभिनय के साथ-साथ गीत लिखने, गाने, संगीत कंपोज़ करने, फिल्म निर्देशन और एडिटिंग जैसे कार्यों में भी अपनी रुचि और प्रतिभा का इस्तेमाल किया है।

दीप राजा बताते हैं कि वे लगभग 2018 से फिल्म लाइन से जुड़े हुए हैं। छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री में काम शुरू करने से पहले उन्होंने हिंदी फिल्मों और हिंदी वेब सीरीज में भी काम किया। अभिनय के क्षेत्र में खुद को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के इंदौर में लगभग दो साल तक थिएटर किया। थिएटर के दौरान उन्हें अभिनय की बारीकियों को समझने, मंच पर काम करने और अपने अभिनय कौशल को निखारने का अवसर मिला। वे अभिनय को केवल पर्दे पर दिखाई देने तक सीमित नहीं मानते, बल्कि इसे मेहनत, अभ्यास और लगातार सीखने की प्रक्रिया समझते हैं।

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के अपने अनुभव को याद करते हुए दीप राजा बताते हैं कि उन्हें वहाँ ऐसा महसूस हुआ, जैसे विशाल समुद्र में एक छोटी-सी बूँद हों। उन्हें लगा कि उस क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए काफी लंबा संघर्ष करना पड़ेगा और उन्हें अपने लिए उतनी संभावनाएँ दिखाई नहीं दे रही थीं, जितनी वे चाहते थे। इसी अनुभव के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म और संगीत इंडस्ट्री की ओर अपना रुख किया। अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपने क्षेत्र के दर्शकों के बीच काम करने की इच्छा ने उन्हें छत्तीसगढ़ी इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

हालाँकि, उनका सफर हमेशा एक जैसा नहीं रहा। कुछ घरेलू परेशानियों के कारण उन्हें एक समय फिल्म लाइन से दूरी बनानी पड़ी। इसके बावजूद अभिनय और संगीत के प्रति उनका लगाव बना रहा। परिस्थितियाँ अनुकूल होने पर उन्होंने दोबारा फिल्मों और गानों की दुनिया में अपना सफर शुरू करने का निर्णय लिया। उनके लिए यह वापसी केवल काम की शुरुआत नहीं थी, बल्कि अपने पुराने सपनों को फिर से आगे बढ़ाने का अवसर भी थी।
दीप राजा के फिल्मी सफर में एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ‘Lockdown With Ghost’ रहा। कोरोना काल के दौरान, लगभग 2021–22 में, उन्होंने इस प्रोजेक्ट पर काम किया। शुरुआत में इसे वेब सीरीज के रूप में बनाया गया था, जो उनके अनुसार MX और Hungama पर रिलीज हुई थी। बाद में वह वहाँ से हटा दी गई। इसके बाद कुछ बोल्ड दृश्यों को हटाकर इसे एक पूर्ण फिल्म के रूप में तैयार किया गया और रिलीज किया गया। वर्तमान में यह फिल्म YouTube पर उपलब्ध है।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह रही कि दीप राजा ने इसमें केवल मुख्य अभिनेता की भूमिका ही नहीं निभाई, बल्कि निर्देशन और एडिटिंग सहित फिल्म के अधिकांश कार्यों में भी अपनी भूमिका निभाई। इस फिल्म में भोपाल की पूजा नागर ने हीरोइन की भूमिका निभाई। इस तरह ‘Lockdown With Ghost’ दीप राजा के लिए अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर काम करने का एक महत्वपूर्ण अनुभव बना।
इसके बाद दीप राजा ने अपने संगीत के सफर को भी आगे बढ़ाया। उनके रिलीज हो चुके गीतों में ‘रसगुल्ला’ शामिल है। इस गीत को सुनील सोनी और शिवानी जंघेल ने अपनी आवाज़ दी। गीत में दीप राजा मुख्य अभिनेता के रूप में नजर आए और कैना (लक्ष्मी साहू) ने हीरोइन की भूमिका निभाई। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ी म्यूजिक वीडियो की दुनिया में अपने काम को आगे बढ़ाया।
इसके बाद उनका गीत ‘गुटर गू’ रिलीज हुआ। इस गीत में भी सुनील सोनी और शिवानी जंघेल ने गायकी की। दीप राजा और कैना (लक्ष्मी साहू) की जोड़ी इस गीत में दिखाई दी। इन दोनों गीतों के माध्यम से दीप राजा ने अभिनय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी संगीत वीडियो में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने का प्रयास किया।
इसके बाद उनका गीत ‘धोखा’ आया, जिसमें दीप राजा ने एक साथ कई जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस गीत के मुख्य गायक वे स्वयं हैं। इसमें कोई फीमेल सिंगर नहीं थी। गीत में दीप राजा हीरो के रूप में नजर आए और कैना (लक्ष्मी साहू) ने हीरोइन की भूमिका निभाई। इस गीत के लिरिक्स दीप राजा ने स्वयं लिखे और इसकी कंपोज़िशन भी उन्होंने ही की। इस प्रकार ‘धोखा’ उनके लिए गायकी, गीत लेखन, संगीत रचना और अभिनय को एक साथ प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रहा।
इसके बाद दीप राजा का ‘खटिया’ गीत रिलीज हुआ, जो एक छत्तीसगढ़ी आइटम सॉन्ग है। इस गीत के बोल दीप राजा ने लिखे और इसे कंपोज़ भी उन्होंने ही किया। गीत को दीप राजा और स्वाति वैष्णव ने गाया। इसमें दीप राजा मुख्य अभिनेता के रूप में नजर आए और रितिका हंसराज ने हीरोइन की भूमिका निभाई। इस प्रोजेक्ट में उन्होंने गीत के निर्माण से लेकर गायकी और अभिनय तक अपनी रचनात्मक भागीदारी निभाई।
इसके बाद ‘बस्तरिया बाबू’ गीत रिलीज हुआ। इस गीत को चंपा निषाद ने अपनी आवाज़ दी। इसमें दीप राजा हीरो और शालिनी विश्वकर्मा हीरोइन के रूप में नजर आए। इस गीत की एक खास विशेषता इसकी लोकेशन रही। इसे बस्तर की अलग-अलग जगहों पर फिल्माया गया, जिससे छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण को वीडियो में प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
दीप राजा का एक और रिलीज हो चुका गीत ‘कीरा पर के मरबे तै’ है। यह सामान्य प्रेम गीत से अलग, ताना मारने वाली शैली में तैयार किया गया गीत है। इसकी विषयवस्तु प्रेम संबंधों में धोखे, रिश्तों में पैदा होने वाली समस्याओं और उनके परिणामों पर आधारित है। दीप राजा ने इस गीत में रैप शैली का प्रयोग करने का प्रयास किया। साथ ही, इसकी गायकी और संगीत में पुराने हिंदी फिल्म संगीत, विशेष रूप से आर. डी. बर्मन के दौर की शैली से प्रेरणा लेने की कोशिश की गई। इस गीत के लिरिक्स और कंपोज़िशन दीप राजा ने स्वयं किए तथा इसे गाया भी उन्होंने ही। इसमें वे मुख्य अभिनेता के रूप में नजर आए और कैना (लक्ष्मी साहू) ने हीरोइन की भूमिका निभाई। इस तरह यह गीत उनकी गायकी, गीत लेखन, कंपोज़िशन और अभिनय का एक और उदाहरण है।
फिल्मी और मनोरंजक गीतों के साथ-साथ दीप राजा का जुड़ाव भक्ति संगीत से भी है। उनके YouTube चैनल पर रिलीज हुए जस गीतों में ‘तहि तो दुर्गा दाई’ और ‘बता ना मैया ओ’ शामिल हैं। इन दोनों गीतों को दीप राजा ने स्वयं गाया है। जस गीत छत्तीसगढ़ की भक्ति और लोकसंस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन गीतों के माध्यम से दीप राजा ने अपनी गायकी के एक अलग पक्ष को सामने रखा है और माता की भक्ति से जुड़े संगीत में भी योगदान दिया है।
दीप राजा के अनुसार, उनकी पहचान केवल एक अभिनेता या गायक तक सीमित नहीं है। वे अपने गीतों के बोल लिखने, उनकी धुन तैयार करने और संगीत की दिशा तय करने में भी रुचि रखते हैं। वे चाहते हैं कि उनके गीतों में शब्द, आवाज़ और संगीत का तालमेल बना रहे। उनके लिए हर प्रोजेक्ट एक नया अनुभव है, जिससे वे अपने काम को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं।
वर्तमान में दीप राजा के आगामी प्रोजेक्ट्स की सूची में कई छत्तीसगढ़ी गीत शामिल हैं। इनमें ‘तोर बिना सुना संसार हो गे’, ‘जा जा निर्मोही जा रे’ और ‘अब मोर बिन कैसे’ जैसे गीत हैं। ‘अब मोर बिन कैसे’ को छत्तीसगढ़ी रोमांटिक गीत के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त ‘हम यदुवंशी’ यादव समाज को समर्पित गीत है, जबकि ‘हम सतनामी’ सतनामी समाज को समर्पित गीत है। इन गीतों के माध्यम से वे सामाजिक पहचान और समुदाय से जुड़ी भावनाओं को संगीत के जरिए प्रस्तुत करना चाहते हैं।
उनके आगामी प्रोजेक्ट्स में ‘भरे हे पिचका मारन दे ना रे’ नामक छत्तीसगढ़ी होली गीत भी शामिल है। इसके साथ ही ‘एक चुम्मा दे दे गाल मं’ एक छत्तीसगढ़ी रोमांटिक गीत के रूप में आने वाला है। दीप राजा के अनुसार, इन आगामी गीतों में वे गायकी के साथ अपनी अभिनय और रचनात्मक भूमिका को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। इन प्रोजेक्ट्स को MAATI Entertainment CG के माध्यम से दर्शकों तक पहुँचाने की योजना है।
दीप राजा का सफर थिएटर से शुरू होकर हिंदी फिल्म और वेब सीरीज के अनुभवों, फिर छत्तीसगढ़ी फिल्मों, म्यूजिक वीडियो और भक्ति गीतों तक पहुँचा है। इस यात्रा में उन्हें घरेलू परेशानियों के कारण विराम भी लेना पड़ा, लेकिन उन्होंने दोबारा अपने सपनों की ओर लौटने का निर्णय लिया। आज वे एक्टर, सिंगर, राइटर और कंपोज़र के रूप में अपनी पहचान को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
उनका उद्देश्य छत्तीसगढ़ी फिल्म और संगीत जगत में अपनी अलग जगह बनाना, अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़े गीतों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना तथा अपने काम के जरिए दर्शकों का विश्वास हासिल करना है। दीप राजा के लिए यह सफर अभी जारी है और वे आने वाले समय में फिल्मों, रोमांटिक गीतों, भक्ति संगीत तथा सामाजिक विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अपनी रचनात्मक यात्रा को आगे बढ़ाना चाहते हैं। शालिनी न्यूज़ एजेंसी संवाददाता
राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़।






.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
.jpg)




Comments