चुनावी प्रक्रिया में सुधार पर कांग्रेस का आक्रामक रुख, खरगे ने रखी तीन ‘नॉन-नेगोशिएबल’ मांगें....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
नई दिल्ली। चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया गया है। कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनावी व्यवस्था को लेकर पार्टी की तीन मुख्य मांगें ऐसी हैं, जिन पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द करना और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराना शामिल है। इन मुद्दों को लेकर पार्टी अपने संघर्ष को और अधिक तीव्र करेगी।
यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब विभिन्न विपक्षी दल चुनाव आयोग, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और पूरी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। INDIA गठबंधन के कई प्रमुख घटक दल भी इन विषयों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR से जुड़ी गतिविधियों में लगातार तेजी देखी जा रही है।
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें -
पार्टी की ओर से स्पष्ट रूप से तीन सूत्रीय मांगें रखी गई हैं:
मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा।
SIR प्रक्रिया को पूरी तरह से रद्द करना।
चुनावों में EVM के बजाय बैलेट पेपर प्रणाली को पुनः लागू करना।
इन मांगों को पार्टी के लिए ‘नॉन-नेगोशिएबल’ करार दिया गया है, जिसका अर्थ है कि इन बिंदुओं पर पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। इन संकेतों से साफ है कि आगामी दिनों में चुनाव सुधार और चुनाव आयोग से जुड़े मामले राजनीतिक अभियानों का केंद्र बिंदु बने रहेंगे।
SIR और EVM पर गरमाई सियासत -
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की ओर से लगातार आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। विपक्ष का तर्क है कि इस प्रक्रिया के दौरान सूचियों से नाम कटने का खतरा रहता है, जिससे पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसके विपरीत, निर्वाचन आयोग इसे मतदाता सूची को पूरी तरह दुरुस्त और अद्यतन करने की प्रक्रिया बताता है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी पात्र नागरिक सूची से बाहर न रहे।
इसके साथ ही, EVM को हटाकर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है। विपक्षी दलों का तर्क है कि इससे चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं का भरोसा और अधिक मजबूत होगा। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग EVM और VVPAT की तकनीकी सुरक्षा तथा निष्पक्षता से जुड़ी प्रक्रियाओं को नियमित रूप से सामने रखता रहा है।
INDIA गठबंधन का बढ़ता दबाव -
यह पूरा घटनाक्रम केवल एक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि INDIA गठबंधन के विभिन्न दल भी चुनाव आयोग और SIR के विरोध में एकजुट नजर आ रहे हैं। विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है और विपक्षी सांसदों की ओर से नई दिल्ली में प्रदर्शन की योजनाएं भी बनाई गई हैं। इन तमाम घटनाक्रमों से साफ है कि आने वाले समय में संस्थागत और चुनावी सुधारों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और अधिक तेज होने वाली है।






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