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NEET पेपर लीक मामले में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस....

Jul 19
4 min read
  • AICC के निर्देश पर देशभर में "छात्रों की गूंज" अभियान की शुरुआत

  • नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किय

  • कहा- राहुल गांधी छात्रों की आवाज़ उठाने के लिए पूरे देश में अभियान चला रहे हैं

  • दावा किया कि 2014 से अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं

  • आरोप लगाया कि इससे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं

  • कहा- यह प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संगठित अपराध है

  • महंत ने कहा कि 6 लाख नौकरियों के लिए 9 करोड़ युवा कतार में हैं और युवाओं का भविष्य खतरे में है

  • आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर रहा है और कई छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं

  • कांग्रेस ने शिक्षा का राजनीतिकरण बंद करने की मांग की

  • RSS पृष्ठभूमि के कुलपतियों की नियुक्तियां रद्द करने की मांग उठाई

  • पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई और दोबारा परीक्षा कराने की मांग

  • पीड़ित छात्रों व उनके परिजनों को मुआवजा देने की मांग

  • सभी भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता से कराने की मांग

  • महंत ने कहा कि कांग्रेस देशभर में छात्रों के बीच जाकर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएगी

  • नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों की आवाज को लगातार बुलंद कर रहे - डॉ. चरणदास महंत

  • बच्चों की हताशा आत्महत्या की जिम्मेदार मोदी सरकार

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से -

रायपुर 19 जुलाई 2026 नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक का संकट अब एक राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है। मोदी की सरकार आने के बाद से देश में अब तक 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाओं ने 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया है, लेकिन अब तक एक भी दोषी को सजा नहीं मिली है। लाखों अभ्यर्थी भारी दबाव के बीच औसतन पांच वर्षों तक प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इस तैयारी में न केवल अभ्यर्थियों, बल्कि उनके परिवारों को भी भारी आर्थिक बोझ और त्याग का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अन्य अवसरों के दरवाजे उनके लिए बंद होते जा रहे है, इसलिए हर साल लगभग 9 करोड़ अभ्यर्थियों को केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। पेपर लीक के खिलाफ कोटा से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत करने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित ‘‘छात्रों की गूंज’’ महारैली को संबोधित किया। इस विशाल आमसभा के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं के बीच पेपर लीक माफिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती दी गई। एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों के माध्यम से पेपर लीक के खिलाफ अभियान सड़क से लेकर संदन तक पूरे देश में लगातार आगे बढ़ रहा है।


नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि देश में छात्रों ने जैसा बताया जो जन चर्चा है उसके अनुसार नीट यूजी 2026-40 लाख रू., आईआईटी-जेईई 2021-15 लाख रू., उत्तराखंड पटवारी 2025-15 लाख रू., बिहार शिक्षक भर्ती 2024-10 लाख रू., ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर 2025-25 लाख रू. में परीक्षा पत्र बेचे गये।


नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि नीट 2 के परिणाम के बाद जगदलपुर के अड़ावल की एक बच्ची सुरला हारिका राव ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर लिया। बताते है कि रद्द हुई नीट परीक्षा में बच्ची के अंक ज्यादा हा रहे थे तथा नीट 2 के बाद उसके अंक कम आये इससे दुखी होकर उसने अपनी जान दे दिया। इस बच्ची की मौत और इस प्रकार से अन्य बच्चों की मौतों और उनकी हताशा के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है। मोदी सरकार के राज में नीट के परीक्षा में जो गड़बड़िया हुई तथा परीक्षा रद्द हुई उससे बच्चे निराश हुये जिनका पेपर पहली बार अच्छा गया था वे बच्चे तो बहुत ज्यादा निराश हुए थे और उसी निराश में बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे।


नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि नीट देशभर के लाखों बच्चों के न सिर्फ भविष्य उनकी भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय 1 वर्षो तक कठिन मेहनत करके बच्चे नीट की तैयारी करके परीक्षा में सम्मिलित हुये थे। पिछली बार भी नीट के पेपर लीक मामले में मोदी सरकार ने किसी की जवाबदेही तय नहीं की, न ही कोई ठोस कार्यवाही किया था। जब 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ था, लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा सरकार में इसी तरह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम दिया जाता है, उन्हें बड़े-बड़े पदों पर बैठाया जाता है। कारण साफ है- पेपर लीक के इस गोरखधंधे में भाजपा सरकार खुद ही साझेदार है, जिसका खामियाजा देश के मेहनती छात्रों को चुकाना पड़ रहा है। भाजपा की सरकार में परीक्षा की सुचिता लगातार भंग हो रही है, भाजपा शासित राज्यों में ही पेपर लीक हो रहे हैं, कारण स्पष्ट है पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। भाजपा का फंडा साफ है- जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम, इसीलिए बेखौफ होकर ऐसे कुकृत्य किए जा रहे हैं। दोबारा परीक्षा कराने की मानसिक और आर्थिक जिम्मेदारी कौन लेगा? बार-बार परीक्षाओं में धांधली से एनटीए की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीय पर सवाल उठ रहा है, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर सरकार के संरक्षण की ओर इशारा करती है।


पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा, रायपुर शहर अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, सुरेन्द्र वर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, सौरभ साहू उपस्थित थे।


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