CM साय की सख्ती: 1076 हेल्पलाइन पर 2 लाख+ शिकायतें, आज कलेक्टरों से होगी समीक्षा...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर :- छत्तीसगढ़ में जनता की शिकायतों के निराकरण को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर पिछले सात से आठ महीनों में दो लाख से अधिक शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। शिकायतों के निराकरण में देरी और समाधान की गुणवत्ता को लेकर मिल रहे फीडबैक के बाद मुख्यमंत्री शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टरों के कामकाज की समीक्षा करने वाले हैं।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री यह जानेंगे कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का निराकरण कितनी गंभीरता से किया जा रहा है। इसके साथ ही जिन शिकायतों को निराकृत बताया गया है, उनमें संबंधित नागरिक वास्तव में संतुष्ट हैं या नहीं, इसकी भी समीक्षा की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत की थी। इसका मकसद लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत दिलाना और उनकी शिकायतों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना है।
लेकिन हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने के बाद अब सरकार का ध्यान उनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर केंद्रित है। पिछले सात से आठ महीनों में दो लाख से अधिक शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। सरकार की प्राथमिकता केवल शिकायतों को बंद करना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक समाधान सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री जिला स्तर पर शिकायतों के निपटारे की स्थिति की जानकारी लेंगे।
मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बैठक से पहले मुख्य सचिव विकास शील ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इस दौरान शिकायतों के निपटारे की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई गई थी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नागरिकों की शिकायतों का निराकरण पूरी गंभीरता से किया जाए। केवल औपचारिक कार्रवाई करके मामलों को समाप्त दिखाने के बजाय समस्याओं के वास्तविक समाधान पर ध्यान दिया जाए। मुख्य सचिव की बैठक में मिले फीडबैक और प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर अब मुख्यमंत्री स्वयं कलेक्टरों से जवाब मांगेंगे।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत के अनुसार, मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जानी है। इस बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर शामिल होंगे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निपटारे, लंबित मामलों की स्थिति और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि से संबंधित जानकारी की समीक्षा करेंगे। बैठक में यह भी देखा जाएगा कि जिन शिकायतों के समाधान का दावा किया गया है, उनमें नागरिकों को वास्तविक राहत मिली है या नहीं।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में शिकायतों के निपटारे से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा प्रस्तावित है। जिलावार दर्ज और लंबित शिकायतों की स्थिति। शिकायतों के निराकरण में लगने वाला समय। समाधान के बाद शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि। शासकीय योजनाओं के लाभ से संबंधित शिकायतें। जिला प्रशासन के स्तर पर शिकायत निवारण की गुणवत्ता। लंबित मामलों के निराकरण के लिए उठाए गए कदम। इन बिंदुओं के आधार पर यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि किन जिलों में शिकायत निवारण प्रणाली प्रभावी ढंग से काम कर रही है और कहां सुधार की आवश्यकता है।
छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 नागरिकों को अपनी समस्याएं दर्ज कराने और शिकायत की स्थिति जानने की सुविधा प्रदान करती है। नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से शिकायत पंजीकरण और उसके निराकरण की स्थिति देखने की सुविधा भी उपलब्ध है। सरकारी पोर्टल के अनुसार, हेल्पलाइन का उद्देश्य शिकायतों का पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री की प्रस्तावित समीक्षा बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें जिलावार कामकाज का आकलन होने के साथ ही शिकायतों के वास्तविक समाधान की स्थिति सामने आ सकती है। दो लाख से अधिक शिकायतों के बीच सरकार के सामने बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान केवल रिकॉर्ड में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे। अब देखना होगा कि समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री जिलों के प्रदर्शन को लेकर क्या निर्देश देते हैं और लंबित शिकायतों के निराकरण के लिए आगे क्या कदम निर्धारित किए जाते हैं।
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