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जर्जर स्कूल भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे, छत से तीन बार गिरा प्लास्टर...

Aug 20
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

कवर्धा :- कवर्धा जिले के सिंघारी हायर सेकेंडरी स्कूल में जर्जर भवन विद्यार्थियों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। स्कूल की छत से बार-बार प्लास्टर गिरने की घटनाओं ने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब तक तीन बार छत का प्लास्टर भरभराकर गिर चुका है, जिसमें चार छात्राओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद स्कूल के लिए नए भवन की स्वीकृति नहीं मिल पाई है। करीब 20 वर्ष पहले निर्मित यह स्कूल भवन सिंघारी सहित आसपास के कई गांवों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रोजाना पढ़ाई करने पहुंचते हैं। लेकिन भवन की खराब हालत के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपनी सुरक्षा की चिंता भी सताती रहती है। कक्षाओं की छत और दीवारों की स्थिति देखकर अभिभावक भी चिंतित हैं।


स्कूल भवन की छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। बताया जा रहा है कि अब तक तीन बार छत का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर चुका है। इन घटनाओं में चार छात्राएं घायल हुई हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन लगातार हो रही इन घटनाओं ने शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल भवन की हालत लंबे समय से खराब है। बच्चों को जर्जर कमरों में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या नए भवन का निर्माण नहीं किया गया तो कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।


बारिश के मौसम में स्कूल की समस्या और बढ़ जाती है। छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाता है। कई बार पानी के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है। विद्यार्थियों को परेशानियों के बीच कक्षाओं में बैठना पड़ता है। वहीं स्कूल का शौचालय भी जर्जर हालत में होने के कारण विशेषकर छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, भवन की खराब स्थिति को देखते हुए कई बार नए भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन और प्रशासन को भेजा गया है। लेकिन अभी तक नए भवन के लिए मंजूरी नहीं मिल सकी है। स्कूल प्रबंधन लगातार सुरक्षित माहौल में बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भवन की समस्या बड़ी चुनौती बनी हुई है।


इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी फेरुराम वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने स्वयं स्कूल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्कूल के दो कमरे जर्जर पाए गए थे। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आवश्यक सुधार कार्य कराया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि फिलहाल स्कूल को दो पालियों में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी कम हो सके। हालांकि अभिभावकों का कहना है कि केवल दो पाली में स्कूल संचालन करना स्थायी समाधान नहीं है। जब भवन की छत कमजोर है और प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं, तो बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है। सिंघारी हायर सेकेंडरी स्कूल का मामला केवल एक भवन की समस्या नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में


शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। सेंटर जोन होने के कारण यहां आसपास के दर्जनों गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं। ऐसे में जर्जर भवन का असर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। अब सभी की नजर शासन स्तर से मिलने वाली भवन निर्माण की मंजूरी पर टिकी है। अभिभावकों की मांग है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द जर्जर हिस्से की मरम्मत कराई जाए या नए भवन का निर्माण शुरू किया जाए, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें।

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