छत्तीसगढ़ में लापरवाही पर कसा शिकंजा, अफसरों को नोटिस और समयसीमा तय...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में कामकाज को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कसावट को लेकर हाल ही में उच्च स्तर पर समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान काम में कोताही बरतने और तय लक्ष्यों को पूरा न करने वाले अमले पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
लापरवाह अफसरों को थमाया जाएगा कारण बताओ नोटिस समीक्षा के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विभागीय कार्यों, निरीक्षणों और मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन जिलों में अधिकारियों की कार्यप्रगति तय मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। अधिकारियों के कामकाज की हर तीन महीने पर त्रैमासिक समीक्षा भी की जाएगी।
बायोमेट्रिक हाजिरी और ऑनलाइन अवकाश के सख्त निर्देश विभाग में अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के जरिए नियमित रूप से हाजिरी दर्ज करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, कर्मचारियों के अवकाश से जुड़े सभी आवेदनों और स्वीकृतियों के लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल का ही उपयोग अनिवार्य किया गया है, जिससे पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी बना रहे।
जनशिकायतों के समाधान और सैंपलिंग में तेजी मुख्यमंत्री जन शिकायत निवारण प्रणाली के तहत मिलने वाली शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही, विभिन्न जिलों में औषधि नमूनों (ड्रग सैंपल) के संग्रहण के काम में तेजी लाने और प्रयोगशाला परीक्षण की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने को कहा गया है, जिससे जनस्वास्थ्य से जुड़े हितों की पूरी सुरक्षा हो सके।






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