छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर, 80 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली: कांग्रेस का साय सरकार पर बड़ा हमला.....
प्रदेश के अस्पतालों में 80 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली - कांग्रेस.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का दावा है कि राज्य में डॉक्टरों के 80 प्रतिशत पद खाली हैं और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर आ चुकी है। इसके साथ ही पार्टी ने ब्लैकलिस्टेड कंपनियों से दवा खरीदी किए जाने पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि राज्य भर में स्वाइन फ्लू, मलेरिया और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां अब नियंत्रण से बाहर हो चुकी हैं। ग्रामीण और आदिवासी अंचलों से लेकर शहरी इलाकों तक, लोग दवाओं, डॉक्टरों और उचित इलाज के अभाव में जान गंवाने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल विज्ञापनों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के दावे कर रही है, जबकि हकीकत में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुनियादी सुविधाओं और चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी से जूझ रहे हैं।
भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप -
सुरेंद्र वर्मा ने इस स्थिति के लिए सरकार की नीतिगत कमियों और भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बजट के क्रियान्वयन में भारी लापरवाही बरती जा रही है, आपातकालीन दवाओं की खरीदी में प्रशासनिक देरी हो रही है और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए कोई पूर्व-तैयारी नहीं की गई। अस्पतालों में खराब मशीनों की मरम्मत नहीं हो रही है तथा वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड और जांच किट उपलब्ध नहीं हैं। इसका सीधा खामियाजा गरीब, मजदूर और ग्रामीण आबादी को भुगतना पड़ रहा है, जो मजबूरी में निजी अस्पतालों के कर्ज तले दब रहे हैं।
ठप्प पड़ी स्वास्थ्य योजनाएं और आयुष्मान के बकाये का मुद्दा -
कांग्रेस ने पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले 'धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर', 'मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना' और 'शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना' के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं सीधे जनता के द्वार तक पहुंच रही थीं, लेकिन मौजूदा शासन में ये योजनाएं पूरी तरह सुस्त पड़ चुकी हैं।
इसके अलावा, आयुष्मान योजना के तहत सरकार द्वारा बकाया भुगतान न किए जाने के कारण निजी अस्पताल भी कार्ड से इलाज करने में कोताही बरत रहे हैं। कांग्रेस ने प्रदेश के वर्तमान हालातों को 'हेल्थ इमरजेंसी' करार देते हुए कहा कि दवा और डॉक्टर के बिना सरकारी अस्पताल खाली पड़े हैं और भाजपा सरकार के सारे दावे पूरी तरह जाली साबित हो रहे हैं।





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