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विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर उभर रहा छत्तीसगढ़....

Aug 8
6 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

रायपुर :- छत्तीसगढ़ सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए बड़ा निवेश कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करने और नई प्रतिभाओं की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। खेल प्रतिभाओं को तराशने और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ₹100 करोड़ और छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए ₹57 करोड़ का प्रावधान किया गया है।


हॉकी लीग की तैयारी, खेल अकादमियों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसी पहलें छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नया मंच प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ खेल प्रतिभाओं को अवसर, सम्मान और सफलता की नई उड़ान देने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन की बदौलत देश के खेल क्षितिज में छत्तीसगढ़ का नाम तेजी से उभर रहा है, इसके चलते नए-नए खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपना जौहर दिखा रहे हैं।


राज्य के खिलाड़ियों को मैदानों से निकलकर मेडल तक का सफर तय करने में अब कम वक्त लग रहा है। इसका हालिया उदाहरण बैडमिंटन में आकर्षी कश्यप का है, जिन्होंने अपनी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेरी है। छत्तीसगढ़ में उपलब्ध सुविधाओं को देखते हुए बीसीसीआई ने दो अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैंच के आयोजन की घोषणा की है। पहली बार नवा रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दो महीने के भीतर दिसंबर एवं जनवरी माह में भारत दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के विरूद्ध अंतर्राष्ट्रीय वन डे एवं टी-20 मैच खेलेगी।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ रूपए, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रूपए और कास्य पदक विजेता को 1 करोड़ रूपए दिए जाने की घोषणा की है। एक समय में क्रिकेट में राजेश चौहान, हॉकी में सबा अंजुम सहित अनेक खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान में क्रिकेट में शशांक सिंह और अमनदीप तथा हॉकी में रेणुका यादव, जैसे चमकते सितारे छत्तीसगढ़ से हैं। राज्य में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट स्टेडियम, हॉकी स्टेडियम, स्विमिंग पुल जैसी सुविधा उपलब्ध है तथा बैडमिंटन अकादमी निर्माणाधीन है।


केंद्र सरकार की खेलो इंडिया और स्पोर्टस ऑथारिटी ऑफ इंडिया के साथ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए प्रदेश में एक मज़बूत ढांचा खड़ा किया जा रहा है। रायपुर स्थित तीरंदाजी और बालिका हॉकी अकादमी में 80 खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण, आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा दी जा रही है। गैर-आवासीय अकादमियों में 130 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। बिलासपुर स्थित बहतराई केंद्र को भारत सरकार द्वारा स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया गया है, जहां 180 खिलाड़ी हॉकी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी और कबड्डी में अभ्यासरत हैं। साथ ही, शिवतराई स्थित उपकेंद्र में 45 खिलाड़ी तीरंदाजी की बारीकियाँ सीख रहे हैं।


राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ की चमक बढ़ी है। खेलो इंडिया यूथ गेम्स और पैरा गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 2024 में तमिलनाडु में हुए 6वें खेलो इंडिया यूथ गेम्स में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने 7 पदक जीते। दिल्ली में हुए पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में 7 पैरा-खिलाड़ियों ने 5 पदक जीते। बिहार में 2025 में हुए खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 14 पदक छत्तीसगढ़ के नाम किए।


गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में 72 खिलाड़ियों ने भाग लेकर 25 पदक जीते, जबकि उत्तराखंड में हुए 38वें नेशनल गेम्स में 58 खिलाड़ियों ने 16 पदक अर्जित किए। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खेल अधोसंरचना को बढ़ाने के लिए रायगढ़ और कुनकुरी में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्वीकृति दी गई है। बलौदाबाजार में 14 करोड़ रुपये के इंडोर स्टेडियम और नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का कार्य जारी है। तिल्दा-नेवरा, मोपका में बहुदेशीय हॉल और बलौदाबाजार में 8-लेन सिंथेटिक ट्रैक बन रहे हैं, जो खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा देंगे। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिये प्रदेश के सभी 33 जिलों में खेलो इंडिया लघु केंद्र स्थापित किए गए हैं।


इन केंद्रों में हॉकी, तीरंदाजी, मलखंभ, कुश्ती और फुटबॉल जैसे खेलों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक में सात जिलों के 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रदेश सरकार द्वारा लंबे समय से लंबित खेल पुरस्कारों का वितरण कर प्रतिभाओं को उनका हक प्रदान किया। 230 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित खेल सम्मानों से नवाजा गया, जिनमें शहीद राजीव पांडेय, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद पंकज विक्रम एवं शहीद विनोद चौबे सम्मान शामिल है। इसके अतिरिक्त पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देकर खिलाड़ियों की प्रतिभा और मेहनत का सम्मान किया गया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2024-25 के गुण्डाधुर सम्मान, महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान से एक-एक खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।


छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों का सम्मान, अधोसंरचना का विकास, ग्रामीण प्रतिभाओं को तराशने और बस्तर क्षेत्र में खेल आयोजन से प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में एक नई उंचाई दी है। इससे भविष्य में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय और वैश्विक खेल मानचित्र पर चमकेगा। CM साय ने कॉमनवेल्थ की ‘सिल्वर गर्ल’ ज्ञानेश्वरी को बनाया डीएसपी, 30 लाख का इनाम भी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव को राज्य सरकार 30 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी। उन्हें आउट ऑफ टर्न पदोन्नति देकर डीएसपी भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की है। ज्ञानेश्वरी अभी पुलिस विभाग में एएसआई हैं।


ज्ञानेश्वरी ने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ज्ञानेश्वरी ने अनुशासन, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बूते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की। उनकी उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्लासगो रवाना होने से पहले उन्होंने ज्ञानेश्वरी को शुभकामनाएं दी थीं। पदक जीतने के बाद वीडियो कॉल कर बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है। खेल विभाग का बजट 4 करोड़ से बढ़कर 304 करोड़ पहुंचा छत्तीसगढ़ बनने के समय खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट सिर्फ 4 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 304 करोड़ रुपए हो गया है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेल मैदान तक लाना है।


6 नए जिलों में खेल अधिकारी, 79 पदों पर भर्ती जारी खेल गतिविधियों को मजबूत करने के लिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती में खेल अधिकारी के पद सृजित किए गए हैं। विभाग में 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डनों की भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। बस्तर के बाद अब सरगुजा ओलंपिक दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मंच देने के लिए पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष से सरगुजा ओलंपिक भी शुरू किया गया है। वहीं खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिली है। हर जिले में मजबूत होगा खेल तंत्र सरकार ने प्रत्येक जिले में सभी खेलों के संघ गठित करने और उनके पंजीयन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं |


साथ ही ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक खिलाड़ियों और खेल संघों को जोड़ने की रणनीति बनाई गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर मजबूत खेल संस्कृति विकसित हो सके | आधुनिक खेल अधोसंरचना पर विशेष जोर निर्माणाधीन स्टेडियम, खेल परिसर और खेल मैदानों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं | अधिकारियों से कहा गया कि सभी निर्माण खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप हों और खेलो इंडिया सेंटरों की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग कर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए | खिलाड़ियों की प्रोफाइलिंग और विश्वस्तरीय तैयारी सभी जिला खेल अधिकारियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ-साथ उभरती प्रतिभाओं की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अनुभवी खिलाड़ियों का सहयोग लेने और प्रतिभाओं को व्यवस्थित रूप से तैयार करने पर जोर दिया गया |


अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे कोच प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को नई तकनीकों, आधुनिक खेल उपकरणों, अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक मानकों के अनुरूप लगातार खुद को अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं | गांव और स्कूल बनेंगे खेल संस्कृति की आधारशिला सरकार ने स्कूलों में प्रतिदिन खेल का एक पीरियड सुनिश्चित कराने और पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव में खेलों का माहौल तैयार करने के निर्देश दिए हैं | उद्देश्य यह है कि जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति विकसित हो और विजन 2047 के तहत छत्तीसगढ़ खेल प्रतिभाओं की नई पहचान बन सके | विजन 2047 का मजबूत आधार बनेगा खेल क्षेत्र खेल प्रतिभाओं की समय पर पहचान, आधुनिक अधोसंरचना, प्रशिक्षित कोच, मजबूत खेल संगठन और गांव से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों को अवसर देने की यह रणनीति बताती है कि विजन 2047 में खेल क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है | सरकार का मानना है कि यही प्रयास आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करेंगे |

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