छत्तीसगढ़ में शिक्षा बजट का बड़ा खेल: RTI खुलासे में सामने आया ₹690 करोड़ का फंड डंप, केंद्र को नहीं भेजा गया यूसी (UC)....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों, कमरों और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के बीच एक चौंकाने वाला वित्तीय और प्रशासनिक खुलासा सामने आया है। राज्य सरकार स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए मिले करोड़ों रुपये के फंड को ठिकाने नहीं लगा पा रही है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिले दस्तावेजों से पता चला है कि 'समग्र शिक्षा' अभियान के तहत केंद्र सरकार से मिले ₹690 करोड़ से अधिक रुपये बिना खर्च के वैसे ही पड़े रह गए।
यह सनसनीखेज खुलासा वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) से RTI के जरिए हासिल किए गए आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया है।
RTI के आंकड़ों में उजागर हुई लापरवाही:
वर्ष 2023-24: केंद्र सरकार ने इस साल ₹776.59 करोड़ जारी किए थे, जिसमें से ₹312.25 करोड़ का केंद्रीय हिस्सा बिना खर्च हुए (Unspent) बेकार पड़ा रहा।
वर्ष 2024-25: केंद्र से ₹830.65 करोड़ की राशि मिली, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के चलते इसमें से भी ₹378.52 करोड़ की भारी-भरकम रकम खर्च नहीं की जा सकी।
वर्ष 2025-26 (सबसे बड़ी चूक): इस वित्तीय वर्ष में केंद्र की ओर से ₹993.40 करोड़ का बड़ा बजट जारी हुआ, मगर हैरान करने वाली बात यह है कि छत्तीसगढ़ शासन के विभाग ने अब तक केंद्र सरकार को इसका उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate - UC) तक नहीं भेजा है।
बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़: मनोज सिंह ठाकुर -
कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और अंदरूनी वनांचल इलाकों में मासूम बच्चे जर्जर भवनों और शिक्षकों की कमी के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ केंद्र से आया करोड़ों का बजट यूं ही दबाकर रखा गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि वर्ष 2025-26 का उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर न भेजे जाने के कारण भविष्य में छत्तीसगढ़ को मिलने वाले शिक्षा अनुदान में भारी कटौती हो सकती है, जिसका सीधा खामियाजा राज्य के लाखों स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ेगा। ठाकुर ने इस पूरे वित्तीय कुप्रबंधन की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।






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