छत्तीसगढ़ बना देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व....
- ANIS LALA DANI

- 7 hours ago
- 2 min read
वन्यजीव संरक्षण में छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता: बस्तर में तेंदुए के शावक का सुरक्षित रेस्क्यू, राज्य में बाघों की आबादी दोगुनी, तमोर-पिंगला बना देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से -
छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के ताज़ा आंकड़े राहत भरे हैं। बस्तर के चित्रकूट रेंज में वन विभाग ने तेंदुए के एक शावक को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। वहीं, राज्य में बाघों की संख्या 2022 में 17–18 से बढ़कर अब 35–36 तक पहुंच गई है, जिसे वन विभाग संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक नतीजा बता रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गुरु घासीदास–तमोर पिंगला क्षेत्र को देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है, जो वन्यजीव प्रेमियों और राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है |
वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर बयान :-
तेंदुए के शावक का रेस्क्यू: बस्तर वनमंडल के दुर्गम इलाकों में वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से संवेदनशील बचाव अभियान चलाया गया। हालिया रिपोर्ट्स में बस्तर क्षेत्र में तेंदुए के शावकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर मां से मिलाने की सफलता दर्ज हुई है।
बाघों की आबादी में वृद्धि: 2022 में कैमरा ट्रैप के ज़रिए राज्य में 17 से 18 बाघों की पहचान हुई थी; अब यह संख्या बढ़कर 35 से 36 हो गई है। अधिकारी इसमें अवैध शिकार रोकथाम, निगरानी बढ़ाने और आवास प्रबंधन को अहम कारण बता रहे हैं।
तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व: गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को 2024–25 में अधिसूचित किया गया और यह क्षेत्रफल के हिसाब से देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। वर्तमान में यहां 4–5 बाघों की नियमित मौजूदगी के प्रमाण मिल रहे हैं और निगरानी आधुनिक तकनीकों से की जा रही है।




.jpg)










