google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

बिलासपुर कस्टडी डेथ, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI पहुंची...

Aug 15
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में युवक की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामले में CBI सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच के लिए पहुंची। चार सदस्यीय टीम ने सिविल लाइन थाने में रिकॉर्ड खंगाला और केस डायरी के साथ मजिस्ट्रियल जांच के दस्तावेज भी लिए। इसके बाद टीम सेंट्रल जेल भी पहुंची। दरअसल, परिजनों ने आरोप लगाया है कि सीपत थाने में युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उसे करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखा गया। इसके बाद आबकारी एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।


वहीं, जेल पहुंचने के 3 दिन बाद युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले में न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जानकारी के मुताबिक, ग्राम मोहरा निवासी श्रवण तांबे (35) खेती-किसानी करता था। पुलिस ने उसे 17 जनवरी 2024 को पकड़ा था। इसके बाद 18 जनवरी को पुलिस ने 6 लीटर महुआ शराब के साथ उसकी गिरफ्तारी का दावा किया। पुलिस ने उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत केस दर्ज कर 19 जनवरी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अगले दिन 20 जनवरी को जब परिजन उससे मिलने जेल पहुंचे, तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया।


इस दौरान 21 जनवरी को जेल में अचानक श्रवण की तबीयत बिगड़ गई। पहले जेल अस्पताल में उसका इलाज किया गया। इसके बाद हालत गंभीर होने पर उसे सिम्स अस्पताल रेफर किया गया, जहां 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई। जेल प्रबंधन के अनुसार, श्रवण को सांस लेने में दिक्कत होने पर पहले जेल अस्पताल और फिर सिम्स भेजा गया था। सिम्स पहुंचने के बाद देर रात उसकी मौत हो गई। मामले की न्यायिक जांच प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट निकसन डेविड लकड़ा ने की थी। उन्होंने 22 जुलाई 2024 को जांच रिपोर्ट पेश किया। इसमें पोस्टमार्टम, एफएसएल, हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर श्रवण की मौत का कारण सिर में लगी गंभीर चोट और उससे उत्पन्न जटिलताओं को बताया गया था। न्यायिक जांच के दौरान मृतक के परिजनों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए थे।


मृतक श्रवण तांबे की पत्नी लहरा बाई और बेटी ने मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने न्यायिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और हिरासत में मौत के लिए 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग की थी। अक्टूबर 2024 में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 1 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया था। साथ ही पुलिसकर्मियों की लापरवाही को भी जिम्मेदार माना था। इसके बाद परिजनों ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।


दरअसल, इस मामले की न्यायिक जांच में सामने आया था कि हिरासत के दौरान सिर में लगी चोट के कारण श्रवण की मौत हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सवाल किया था कि न्यायिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद भी FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। इस पर DGP ने तर्क दिया था कि उन्हें जांच रिपोर्ट आधिकारिक रूप से प्राप्त नहीं हुई थी। इसके बाद करीब तीन साल बाद 30 जुलाई को सिविल लाइन थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CBI को जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा कि CBI उन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करे, जिन्होंने न्यायिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद उचित कार्रवाई नहीं की।


सुप्रीम कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि वह 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे। कोर्ट ने राज्य सरकार को मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपए का अंतरिम मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। हालांकि, अंतिम मुआवजे की राशि बाद में तय की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CBI की विशेष टीम शुक्रवार को बिलासपुर पहुंची। SP रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने सिविल लाइन थाने से केस डायरी समेत अन्य जरूरी रिकॉर्ड हासिल किए।


इसके बाद टीम सेंट्रल जेल पहुंची, जहां जेल अधीक्षक और अन्य स्टाफ से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी ली। CBI टीम केस डायरी और मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच करेगी। साथ ही वह घटना में पुलिस अधिकारियों की भूमिका और न्यायिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद की गई कार्रवाई की भी पड़ताल करेगी।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html