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छत्तीसगढ़ के उद्योगपतियों के लिए बड़ी खबर: औद्योगिक भूमि नियमों में बदलाव...

16 hours ago
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

रायपुर: छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने और चलाने वाले कारोबारियों के लिए एक अहम राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने औद्योगिक भूमि के प्रबंधन नियमों में बड़ा संशोधन किया है, जिसकी राजपत्र में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता को आसान बनाना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करना है।


क्या हुआ है मुख्य बदलाव?

नए नियमों के अनुसार, अब औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन के उपयोग, उसके बंटवारे और एकीकरण को लेकर प्रक्रिया काफी पारदर्शी और समयबद्ध कर दी गई है। उद्योग विभाग का यह कदम भारत सरकार की डी-रेग्युलेशन टास्क फोर्स की अनुशंसाओं के तहत उठाया गया है, जिससे कारोबारियों को बेवजह के कागजी झंझटों से मुक्ति मिल सके।


अब प्लॉट का एकीकरण और उप-विभाजन बेहद आसान

  • प्लॉट जोड़ना: यदि किसी उद्यमी के पास एक ही औद्योगिक क्षेत्र में आसपास के दो या उससे अधिक प्लॉट हैं, तो वह ऑनलाइन सूचना देकर उन्हें आपस में जोड़ सकता है। इसके लिए उसे जटिल प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा।


  • 15 दिन का नियम: एकीकरण की ऑनलाइन सूचना मिलने के बाद यदि आबंटन प्राधिकारी द्वारा 15 दिनों के भीतर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो उसे स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। हालांकि, जिन जमीनों पर कोई कानूनी विवाद या कैंसिलेशन नोटिस चल रहा है, उन पर यह नियम लागू नहीं होगा।


  • प्लॉट का विभाजन: उत्पादन कर रही कोई भी औद्योगिक इकाई अपने प्लॉट को ऑनलाइन सूचना देकर दो या उससे अधिक हिस्सों में बांट सकती है। इसके लिए आंशिक सरेंडर या पुनः आबंटन जैसी लंबी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। बस यह ध्यान रखना होगा कि बंटे हुए हर नए प्लॉट का साइज कम से कम 300 वर्गमीटर हो और उसके पास आने-जाने के लिए अलग रास्ता हो।


अतिरिक्त जमीन पर कड़ा प्रावधान और शुल्क

  • अतिरिक्त जमीन: अगर किसी आबंटी के पास ऐसी अतिरिक्त भूमि है जो अलग से प्लॉट बनने योग्य नहीं है या जिसका दायरा 300 वर्गमीटर से कम है, तो उस पर प्रचलित वार्षिक भू-भाटक (Ground Rent) की सात गुना राशि प्रतिवर्ष चुकानी होगी।


  • आवेदन शुल्क: प्लॉट को आपस में मिलाने या बांटने के लिए उद्यमों की श्रेणी के हिसाब से फीस तय की गई है। सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए यह शुल्क 5,000 रुपये और मध्यम तथा वृहद उद्योगों के लिए 10,000 रुपये रखा गया है।


सरकार के इस नए फैसले से छत्तीसगढ़ में नए औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही पुरानी इकाइयों को अपने विस्तार और संचालन में काफी सहूलियत होगी।

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