APK फाइल के लिंक से बैंक खाते पर सेंध, 2.90 लाख उड़ाए...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :- रायपुर :- राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। दीनदयाल उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के मोबाइल पर APK फाइल का लिंक भेजकर कथित रूप से उसके फोन का एक्सेस हासिल करने और बैंक खाते से 2 लाख 90 हजार 763 रुपये की ऑनलाइन ठगी किए जाने की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल का एक्सेस हासिल करने के बाद UPI के माध्यम से पीड़ित के बैंक खाते से रकम निकाल ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल नंबर पर APK फाइल से संबंधित एक लिंक भेजा था।
आरोप है कि इसी लिंक के जरिए मोबाइल तक अनधिकृत पहुंच हासिल की गई। इसके बाद आरोपी ने अपने सिस्टम से UPI के माध्यम से बैंक खाते में मौजूद राशि का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर लिया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल फोन को निशाना बनाने के लिए APK फाइल के लिंक का इस्तेमाल किया। इस प्रकार की फाइल का उपयोग एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है। हालांकि, किसी अज्ञात स्रोत से प्राप्त APK फाइल में हानिकारक सॉफ्टवेयर हो सकता है। ऐसा सॉफ्टवेयर मोबाइल में इंस्टॉल होने पर निजी जानकारी और संवेदनशील अनुमतियों का दुरुपयोग कर सकता है।
इस मामले में आरोप है कि APK लिंक के जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल किया गया। इसके बाद पीड़ित के बैंक खाते से बिना उसकी अनुमति के रकम निकाली गई। उपलब्ध शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने मोबाइल का एक्सेस हासिल करने के बाद अपने सिस्टम के जरिए UPI लेनदेन किए। इन लेनदेन के माध्यम से पीड़ित के बैंक खाते से कुल 2 लाख 90 हजार 763 रुपये निकालने का आरोप है। पीड़ित ने इस घटना को धोखाधड़ी बताते हुए शिकायत की है। हालांकि, रकम कितने ट्रांजेक्शन में निकाली गई और किन खातों में भेजी गई, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
साइबर अपराधी कई बार लोगों को मोबाइल पर ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक भेजते हैं। ये लिंक बैंकिंग सेवा, दस्तावेज, सरकारी योजना या अन्य सुविधाओं के नाम पर भी भेजे जा सकते हैं।अनजान लिंक के माध्यम से ऐप इंस्टॉल करने पर मोबाइल में संवेदनशील अनुमतियां देने का खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों में अपराधी मोबाइल पर आने वाले संदेशों, निजी जानकारी या वित्तीय सेवाओं का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस विशेष मामले में लिंक किस बहाने भेजा गया था और तकनीकी रूप से मोबाइल तक कैसे पहुंच हासिल की गई, इसकी पुष्टि उपलब्ध शिकायत के आधार पर नहीं होती।
साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तुरंत अपने बैंक को जानकारी देना जरूरी है। साथ ही संबंधित UPI सेवा के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन की शिकायत भी की जा सकती है। पीड़ित राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जल्द शिकायत करने से संबंधित बैंक और एजेंसियों को संदिग्ध राशि का पता लगाने तथा उसे रोकने की कार्रवाई शुरू करने में मदद मिल सकती है। इस मामले में आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी या रकम की बरामदगी के संबंध में फिलहाल कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।






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