google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
youtube dp crop.png

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजेगा बाघेश्वर धाम.....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

बाघोत जहां मान्यता है कि भगवान शिव ने बाघ का रूप धारण कर राजा दिलीप की परीक्षा ली थी, उसी पौराणिक धरती बाघोत में सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को आस्था का सैलाब उमड़ने जा रहा है। क्षेत्र के प्रसिद्ध बाघेश्वर धाम में विशाल मेले का आयोजन होगा। हरिद्वार और ऋषिकेश से कांवड़ में गंगाजल लेकर लौट रहे हजारों शिवभक्त यहां पहुंचकर स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे। सावन शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।


सावन के महीने में बाघेश्वर धाम की धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। खास तौर पर कांवड़ यात्रा पूरी कर लौटने वाले शिवभक्तों के लिए यहां जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। कांवड़िये हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर पैदल या अन्य साधनों से अपने-अपने गंतव्य की ओर लौटते हैं और रास्ते में प्रमुख शिव मंदिरों में भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।


स्वयंभू शिवलिंग पर चढ़ेगा गंगाजल

सावन शिवरात्रि के दिन बाघेश्वर धाम में स्थित स्वयंभू शिवलिंग पर कांवड़िये गंगाजल अर्पित करेंगे। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। मंगलवार को तड़के से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। कांवड़ियों के जत्थे लगातार धाम की ओर बढ़ेंगे। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय होने की संभावना है।


राजा दिलीप से जुड़ी है पौराणिक मान्यता

बाघोत की पहचान केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि पौराणिक कथाओं से जुड़े स्थान के रूप में भी है। स्थानीय मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने राजा दिलीप की परीक्षा लेने के लिए बाघ का रूप धारण किया था। इसी पौराणिक प्रसंग से इस स्थान का संबंध जोड़ा जाता है। मान्यता के कारण बाघेश्वर धाम को श्रद्धालुओं के बीच विशेष स्थान प्राप्त है। सावन के दौरान यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। शिवरात्रि पर होने वाला मेला इस धार्मिक परंपरा को और भव्य रूप देता है।


मेले में जुटेगा श्रद्धालुओं का हुजूम सावन शिवरात्रि पर आयोजित होने वाले मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर के आसपास अस्थायी दुकानें और प्रसाद की दुकानें सजाई जाएंगी। पूजा सामग्री, फूल-माला, बेलपत्र, प्रसाद और अन्य धार्मिक सामग्री की दुकानें श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहेंगी। मेले में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी शामिल होंगे। बच्चों और परिवारों के लिए भी मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें और मनोरंजन के साधन आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। कांवड़ियों के लिए विशेष महत्व हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों के जत्थे बाघोत पहुंचेंगे। कई कांवड़िये पैदल लंबी दूरी तय कर यहां तक पहुंचते हैं। थकान के बावजूद शिवभक्तों में उत्साह बना रहता है और वे गंगाजल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने के बाद ही आगे बढ़ते हैं।


कांवड़ियों के जत्थों के पहुंचने के साथ ही क्षेत्र में धार्मिक उत्साह बढ़ जाएगा। जगह-जगह शिवभक्तों के स्वागत की तैयारियां भी की जाती हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाता है। व्यवस्था संभालने में जुटा प्रशासन श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर और मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। मंदिर परिसर में भीड़ को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और जलाभिषेक के दौरान अव्यवस्था रोकने के लिए व्यवस्था की जाएगी। कांवड़ियों के मार्ग में भी आवश्यक प्रबंध किए जाने की उम्मीद है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था बनाए रखना होगी। मेले के दौरान आसपास की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की ओर से यातायात को नियंत्रित करने पर विशेष जोर रहेगा।


सुरक्षा पर भी रहेगी नजर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। मंदिर और मेला क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती, भीड़ वाले स्थानों पर निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं से भी अपील की जाएगी कि वे भीड़ में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। कांवड़ियों को निर्धारित मार्गों से आने-जाने और अपनी कांवड़ सुरक्षित रखने की सलाह दी जाएगी। हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजेगा धाम सावन शिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार को बाघेश्वर धाम में धार्मिक आस्था अपने चरम पर होगी। गंगाजल लेकर पहुंचने वाले कांवड़ियों के साथ स्थानीय श्रद्धालु भी स्वयंभू शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे। भगवान शिव की पूजा-अर्चना, कांवड़ियों के जयकारे और विशाल मेले के कारण बाघोत का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आएगा। पौराणिक मान्यताओं से जुड़ी इस धरती पर सावन शिवरात्रि का पर्व एक बार फिर श्रद्धा, परंपरा और आस्था का बड़ा संगम बनने जा रहा है।

All Videos

All Videos

All Videos
वर्तमान परिवेश में बस सफर पर कितनी सुरक्षित है महिलाएं """

वर्तमान परिवेश में बस सफर पर कितनी सुरक्षित है महिलाएं """

06:09
हीट एण्ड रन का विरोध भारतिय न्याय संहिता 2023 का विरोध ड्राईव्हर गाड़ी छोड़ घर को चले..

हीट एण्ड रन का विरोध भारतिय न्याय संहिता 2023 का विरोध ड्राईव्हर गाड़ी छोड़ घर को चले..

25:50
खर्रा जाति के अध्यक्ष बने डिग्री लाल दास ( सांकरा ) #basna #mahasamund

खर्रा जाति के अध्यक्ष बने डिग्री लाल दास ( सांकरा ) #basna #mahasamund

10:47
न्यायालय के आदेश को दिखा रहें ठेंगा | #basna #chhattisgarh

न्यायालय के आदेश को दिखा रहें ठेंगा | #basna #chhattisgarh

05:21
शुभा नर्सिंग होम क्षेत्र का गौरव -  सुख और धन त्याग कर, अपने ही क्षेत्र में सेवा को चुना. #hospital

शुभा नर्सिंग होम क्षेत्र का गौरव - सुख और धन त्याग कर, अपने ही क्षेत्र में सेवा को चुना. #hospital

28:53
डॉ. अनामिका पाल ने आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा की..

डॉ. अनामिका पाल ने आपराधिक मामलों के बारे में घोषणा की..

00:22
Unhe Pata Hai Ki Jaalifesyle Ka Mukhiya Koun Hai | Aur Ham Jante Hai Unhe Jinhe Pata Hai Ki Mukhiya.

Unhe Pata Hai Ki Jaalifesyle Ka Mukhiya Koun Hai | Aur Ham Jante Hai Unhe Jinhe Pata Hai Ki Mukhiya.

19:00

© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html