कोरबा में रेत खदानों की नीलामी: 488 दावेदारों के बीच लॉटरी से तय हुए 3 नाम...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
कोरबा जिले में रेत खदानों के आवंटन को लेकर जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला है। जिले की तीन महत्वपूर्ण रेत खदानों—भिलाईखुर्द, कुदमुरा-द्वितीय और चारपारा के लिए कुल 488 दावेदारों ने नीलामी प्रक्रिया में अपनी किस्मत आजमाई। ऑनलाइन रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पात्रता के आधार पर लॉटरी निकाली गई, जिससे तीनों खदानों के लिए अंतिम तीन अधिमानी बोलीदारों के नाम सामने आ गए। खास बात यह रही कि निर्धारित 200 रुपए की सीलिंग प्राइस के मुकाबले न्यूनतम बोली 50 रुपए तक पहुंच गई, जिसके बाद चयन के लिए लॉटरी का सहारा लेना पड़ा।
कलेक्ट्रेट की खनिज शाखा के अनुसार, छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत नियम, 2025 के तहत इन तीनों खदानों की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया गत 28 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुई थी।
कुदमुरा-द्वितीय में सबसे भारी भीड़ इनमें सबसे कड़ी टक्कर कुदमुरा-द्वितीय रेत खदान के लिए देखने को मिली, जहां सबसे अधिक 241 लोगों ने हिस्सा लिया। लंबी प्रक्रिया और लॉटरी के बाद महासमुंद जिले के बसना अंतर्गत गढ़फुलझर निवासी हरजिंदर को इस खदान के लिए अधिमानी बोलीदार चुना गया। हालांकि, कागजी और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही यहां खदान संचालन का रास्ता साफ होगा।
भिलाईखुर्द और चारपारा का हाल भिलाईखुर्द रेत खदान के लिए 115 दावेदारों ने भाग लिया, जिसमें कोरबा जिले के कोटमीकला बाजारपारा निवासी आशीष कुमार गुप्ता का नाम सामने आया। वहीं, चारपारा खदान के लिए 132 लोगों ने दावेदारी पेश की थी, जिसमें महासमुंद-अंकोरी क्षेत्र के पलसापाली निवासी जुगेश्वर बाग को सफलता मिली। इस प्रकार कुल तीन खदानों में से दो पर महासमुंद और एक पर कोरबा के आवेदक चुने गए हैं।
50 रुपए तक पहुंची थी बोली प्रक्रिया के नियमों के तहत अधिकतम सीलिंग प्राइस 200 रुपए तय की गई थी, लेकिन रिवर्स ऑक्शन के दौरान यह घटकर न्यूनतम 50 रुपए तक आ गई। इसके बाद ही लॉटरी के जरिए विजेताओं की घोषणा की गई।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिमानी बोलीदार घोषित हो जाने मात्र से खदान का संचालन तुरंत शुरू नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां, पर्यावरण नियम और अन्य औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य होगा।






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