नरियारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी 1:00 बजे के बाद अपने-अपने घर को चले जाते हैं...
जिला कलेक्टर का कहना है कि जितने भी हॉस्पिटल हैं आपातकालीन सेवा एवं दिन का सेवा में कर्मचारी तैनात रहे।

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
छत्तीसगढ़ राज्य में स्वास्थ्य सुविधा के नाम से भारी परेशानी होता है वह ऐसा होता है कि नरियारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष तौर से कर्मचारी लेट में आना जल्दी जाना है ओपीडी खुलने का समय 9:00 बजे रहता है मगर 10:00 बजे खुलता है कर्मचारी आते हैं 11:00 बजे जाते हैं 1:00 बजे इस तरह से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की मनमानी पूर्ण कार्य किया जाता है। अभी 2 दिन पहले कार्यालय कलेक्टर द्वारा इस संबंध में विज्ञप्ति जारी हुआ था की 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधाओं को सुचारू रूप से संचालन किया जाए मगर ऐसा है की नरियारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 8 घंटे भी नसीब नहीं होता क्योंकि कर्मचारियों को केवल जाकर रजिस्टर में हस्ताक्षर करना रहता है बाकी समय में कर्मचारी अपने घर को चले जाते हैं।
विशेष तौर से आयुर्वेदिक की डॉक्टर आती है 11:00 बजे जाती है 1:00 इस तरह से उसका आना-जाना ड्यूटी रहता है मरीज परेशान रहते हैं महिला मरीजों को विशेष तौर से बिलासपुर अकलतरा जांजगीर के स्वास्थ्य केंद्र एवं निजी डॉक्टर के यहां जाना पड़ता है इलाज करने के लिए ऐसे में क्या कलेक्टर का आदेश का पालन किया जा रहा है नहीं किया जा रहा है जो समय में उपस्थित नहीं समय से पूर्व घर चले जाते हैं और विशेष तौर पर रात्रि कालीन सेवा में कोई कर्मचारी तैनात नहीं रहता इस तरह से कहा जाए तो मंत्र हस्ताक्षर करके सर्विस कर रहे हैं और वेतन ले रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई कर्मी द्वारा सफाई पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है टॉयलेट रूम गंदा रहता है एवं फर्श भी साफ नहीं रहता जिसकी वजह से यहां कुत्तों का निवास बन चुका है जब भी हमारे संवाददाता जाते हैं हॉस्पिटल तो देखते हैं कुत्ते लोगों का ही जमवाड़ा लगा रहता है क्योंकि गंदगी के आलम में कुत्ते लोग ही विराजमान रहते हैं बीमार व्यक्ति परेशान रहता है इसके चलते जो स्वस्थ आदमी है वह भी गंदगी की स्थिति को देखकर बीमार हो जाता है इस तरह से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति है।
सबसे बड़ी विडंबना है कि यहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है और नरियारा नगर पंचायत है सबसे बड़ी गांव है मगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम का भी सुविधा नहीं है इसके लिए अकलतरा एवं पामगढ़ जाना पड़ता है पोस्टमार्टम के लिए एवं डाक्टरी मुलाहिजा भी के लिए पामगढ़ जाना पड़ता है थाना वालों को जबकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूलमुला में डॉक्टरी मुलाहिजा की सुविधा है तो नरियारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में क्यों नहीं है। कार्यालय कलेक्टर इस संबंध में त्वरित कार्यवाही करें कर्मचारियों को आने जाने यह कार्यवाही पर अंकुश लगाए ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके।
हमारे संवाददाता कहते हैं कि जब रात्रि कालीन समय रहता है अगर कोई दुर्घटना का शिकार हो जाता है वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाता है तो डॉक्टर नहीं रहते कर्मचारी भी नहीं रहते जिसके कारण प्राथमिक उपचार नहीं हो पता इसके लिए अकलतरा जाना पड़ता है एवं बिलासपुर जाना पड़ता है इस दरमियान दुर्घटना का शिकार व्यक्ति मर जाता है रास्ते में दम तोड़ देता है क्योंकि डॉक्टरों की आना-जाना करके ड्यूटी करने की वजह से एवं रात्रि कालीन कर्मचारी नहीं रहने के कारण जनता परेशान है।
अधिकांश कर्मचारियों को अकाल खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा अकलतरा में ड्यूटी करने के लिए बुला लिया जाता है एवं कर्मचारियों को लाइन अटैच कर लिया जाता है विशेष तौर से सफाई कर्मियों को लाइन अटैच कर देता है और अकलतरा में ड्यूटी करने के लिए बुला लिया जाता है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुना हो जाता है।
शालिनी न्यूज़ एजेंसी संवाददाता राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा जिला छत्तीसगढ़। #JanjgirChampa #ChhattisgarhNews #Nariyara #HealthServices #ChhattisgarhHealthcare #CollectorOrder #DNNews #ShaliniNewsAgency #RakeshKumarSahu #RuralHealthServices #BreakingADNNews






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