google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

एनालॉग पनीर पर बैन, उपभोक्ताओं को सावधानी बरतने की सलाह...

Aug 18
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

नई दिल्ली :- देश के कई राज्यों में एनालॉग पनीर को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने इसके उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारों का कहना है कि बाजार में कई जगह ऐसे उत्पाद पनीर के नाम पर बेचे जा रहे हैं, जो असली दूध से बने पनीर नहीं हैं।


क्या होता है एनालॉग पनीर? एनालॉग पनीर ऐसा उत्पाद है जो देखने और स्वाद में असली पनीर जैसा बनाया जाता है, लेकिन इसे पूरी तरह या आंशिक रूप से दूध से नहीं बनाया जाता। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति तेल, वेजिटेबल फैट, स्टार्च, इमल्सीफायर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।


इसे बनाने का मकसद कम लागत में पनीर जैसा उत्पाद तैयार करना होता है। यही कारण है कि यह होटल, रेस्टोरेंट और बड़े पैमाने पर खाद्य कारोबार में सस्ते विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। असली पनीर और एनालॉग पनीर में अंतर असली पनीर: दूध से तैयार किया जाता है इसमें दूध के प्रोटीन और पोषक तत्व होते हैं स्वाद और बनावट प्राकृतिक होती है एनालॉग पनीर: दूध के बजाय अन्य फैट और सामग्री का इस्तेमाल हो सकता है इसमें प्रोटीन की मात्रा कम हो सकती है |


यह सस्ता विकल्प होता है कई बार इसे बिना सही जानकारी के पनीर बताकर बेचा जाता है सरकारों ने क्यों लगाया बैन? राज्य सरकारों का कहना है कि उपभोक्ताओं को असली पनीर के नाम पर ऐसा उत्पाद नहीं मिलना चाहिए, जो दूध से बना हुआ न हो। खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एनालॉग पनीर की बिक्री, निर्माण, भंडारण और वितरण पर रोक लगाई। अधिकारियों का कहना है कि इसमें दूध प्रोटीन की जगह बड़ी मात्रा में वनस्पति फैट पाए जाने की शिकायतें मिली थीं।


किन राज्यों में लगा प्रतिबंध? अब तक कई राज्यों ने एनालॉग पनीर के खिलाफ कार्रवाई की है: महाराष्ट्र गुजरात छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश ने भी अन्य राज्यों की कार्रवाई के बाद एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। क्या एनालॉग पनीर खाना नुकसानदायक है? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार बना है और सही लेबलिंग के साथ बेचा जा रहा है तो स्थिति अलग हो सकती है। लेकिन समस्या तब होती है जब गैर-डेयरी उत्पाद को असली पनीर बताकर बेचा जाता है।


सरकारों की चिंता यही है कि उपभोक्ता को जानकारी होनी चाहिए कि वह जो खरीद रहा है वह असली डेयरी पनीर है या कोई विकल्प। कैसे पहचानें असली पनीर? कुछ आसान तरीकों से उपभोक्ता सावधानी बरत सकते हैं: पैकेट पर सामग्री जरूर पढ़ें बहुत सस्ता पनीर खरीदने से बचें भरोसेमंद दुकानदार से ही खरीदारी करें असामान्य रबड़ जैसी बनावट वाले पनीर से सावधान रहें खुले पनीर की गुणवत्ता पर ध्यान दें होटल और रेस्टोरेंट पर भी असर सरकारों के निर्देशों के बाद होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। उन्हें ग्राहकों को भ्रमित करने वाले उत्पादों के इस्तेमाल से बचने के निर्देश दिए गए हैं।


क्यों बढ़ा एनालॉग पनीर का चलन? असली दूध से बने पनीर की लागत अधिक होती है, जबकि एनालॉग पनीर कम खर्च में तैयार किया जा सकता है। इसी वजह से कुछ कारोबारी इसे अपनाते हैं। लेकिन खाद्य सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर जोर दे रही हैं कि ग्राहक को सही जानकारी और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिलना चाहिए। कुल मिलाकर एनालॉग पनीर का मुद्दा केवल स्वाद का नहीं बल्कि खाद्य सुरक्षा, सही लेबलिंग और उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा है। सरकारों की कार्रवाई का उद्देश्य बाजार में असली और सुरक्षित डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देना है।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html