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जंग के बीच इजराइल को पड़ी 1लाख भारतीय मजदूरों की जरुरत...

Nov 8, 2023
2 min read








































ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

हमास और इजरायल के बीच बीते एक महीने से जंग चल रही हैं। अभी तक 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हमास के खिलाफ जारी जंग के बीच इजरायल को अब अचानक 1 लाख भारतीय मजदूरों की जरूरत आन पड़ी है। इजरायल भारत से करीब 1 लाख मजदूर ले जाना चाहता है। दरअसल, इजरायली बिल्डर्स एसोसिएशन ने इजरायल की बेंजामिन नेतन्याहू सरकार से 1 लाख भारतीय श्रमिकों की भर्ती की मांग की है।

इजरायली बिल्डर्स एसोसिएशन ने नेतन्याहू सरकार से आग्रह किया है कि गाजा पट्टी में इजरायली सेना और हमास के बीच चल रहे युद्ध के बीच अपना वर्क परमिट खो चुके फिलिस्तीनियों की जगह लेने के लिए कंपनियों को 100,000 भारतीय श्रमिकों को काम पर रखने की अनुमति दी जाए। इजरायली बिल्डर्स एसोसिएशन के हैम फीग्लिन ने कहा कि वे इस संबंध में भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं और फिलहाल इसकी मंजूरी देने के लिए इजरायली सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।


उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि हम पूरे सेक्टर में काम करने के लिए भारत से करीब 50,000 से 100,000 कर्मचारियों को शामिल कर स्थिति को सामान्य किया जाएगा। करीब 90,000 फिलिस्तीनी हैं, जो युद्ध शुरू होने से पहले इजरायल में काम करते थे। हालांकि, 7 अक्टूबर को हमास के आतंकवादियों द्वारा किए गए क्रूर हमले के बाद उन्हें अब इजरायल में काम करने की अनुमति नहीं है। इसकारण इजरायल के निर्माण उद्योग में भारी मंदी आ गई है, जो कार्यबल की भारी कमी से जूझ रहा है। इस कारण इजरायल में 1 लाख भारतीय श्रमिकों की जरूरत आन पड़ी है।


भारत और इजरायल ने इस साल मई की शुरुआत में 42,000 भारतीय श्रमिकों को निर्माण और नर्सिंग के क्षेत्र में इजरायल में काम करने की अनुमति देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस कदम से इजरायल को जीवनयापन की बढ़ती लागत से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद थी क्योंकि भारतीय मजदूरों को तुलनात्मक रूप से सस्ता वेतन दिया जाता है। बता दें कि भारत में दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी आबादी है और सैकड़ों भारतीय कामगार पहले से ही मध्य पूर्व में काम कर रहे हैं। अब तक, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या किसी नए सौदे पर हस्ताक्षर किए जाएंगे या वे मौजूदा सौदे में बदलाव करने वाले हैं, क्योंकि यह निर्माण और नर्सिंग दोनों क्षेत्रों के लिए केवल 42,000 श्रमिकों को अनुमति देता है।

 
 
 

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