google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

रिहंद बांध के सभी 6 फाटक खुले, 83,960 क्यूसेक पानी की निकासी...

Sep 3
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

सोनभद्र :- पिपरी स्थित रिहंद बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और पानी की आवक को देखते हुए गुरुवार सुबह एक और फाटक खोल दिया गया। सुबह करीब आठ बजे बांध का छठवां फाटक खोला गया। इसके साथ ही अब बांध के सभी छह फाटकों से पानी की निकासी शुरू हो गई है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांध के सभी छह फाटकों को 16-16 फीट तक खोला गया है। प्रत्येक फाटक से करीब 11 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस हिसाब से छह फाटकों के माध्यम से करीब 66 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड बाहर निकाला जा रहा है।


इसके अलावा रिहंद बांध की छह टरबाइनों से भी पानी छोड़ा जा रहा है। टरबाइनों के माध्यम से करीब 17,960 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही है। इस तरह फाटकों और टरबाइनों को मिलाकर बांध से कुल करीब 83,960 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड बाहर छोड़ा जा रहा है। रिहंद बांध में लगातार पानी की आवक बढ़ने के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही थी। बांध की सुरक्षा और जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए चरणबद्ध तरीके से फाटकों को खोला गया। इससे पहले पांच फाटकों से पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन गुरुवार सुबह स्थिति को देखते हुए छठवां फाटक भी खोलना पड़ा।


बांध से पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बांध से पानी की निकासी पूरी तरह नियंत्रित तरीके से की जा रही है। रिहंद बांध क्षेत्र में मानसून के दौरान जलस्तर बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन जब पानी की आवक लगातार बढ़ती है तो बांध की सुरक्षा और जल प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पड़ते हैं। इसी के तहत फाटकों के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है।


सिंचाई विभाग की टीमें बांध की स्थिति पर लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर, पानी की आवक और निकासी की स्थिति की हर घंटे समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी निर्णय लिया जा सकता है। रिहंद बांध क्षेत्र के लिए जल प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में पानी का नियंत्रण किया जाता है। अचानक ज्यादा पानी जमा होने से बांध पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए समय-समय पर पानी छोड़कर जलस्तर को संतुलित रखा जाता है।


स्थानीय लोगों के बीच भी बांध से पानी छोड़े जाने की जानकारी के बाद चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीण नदी और जल स्रोतों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें। विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े बांधों में जलस्तर नियंत्रण के लिए फाटक खोलना एक नियमित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य बांध की सुरक्षा बनाए रखना और अतिरिक्त पानी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना होता है। रिहंद बांध से इस समय बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है।


हालांकि अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। बांध के छह फाटक खुलने के बाद पानी की निकासी बढ़ गई है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की नजर अब जलस्तर में होने वाले बदलाव पर है। यदि पानी की आवक कम होती है तो निकासी की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है। रिहंद बांध से छोड़े जा रहे पानी का असर आसपास के जल क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल बांध की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। गुरुवार सुबह छठवां फाटक खोलने के बाद अब बांध के सभी छह गेट सक्रिय हैं। कुल मिलाकर फाटकों और टरबाइनों के जरिए करीब 83,960 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए आगे की कार्रवाई स्थिति के अनुसार तय की जाएगी।

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html