डब्ल्यूआरएस दशहरा मैदान में सजेगा विजयादशमी का भव्य मेला, 101 फीट ऊंचे रावण दहन और आतिशबाजी का होगा अद्भुत नजारा.....
राजधानी में उमड़ेगा पांच लाख लोगों का हुजूम; राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्थानीय सांसद-विधायक बनेंगे गवाह...
विधायक पुरन्दर मिश्रा ने संभाली कमान; पार्किंग, पानी, ट्रैफिक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों पर रहेगा खास फोकस...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की कलम से :-
रायपुर। राजधानी के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी मैदान में इस बार का दशहरा उत्सव बेहद खास होने जा रहा है। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस महापर्व पर 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा और आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में करीब पांच लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसे लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

गरिमामय इस समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महापौर मीनल चौबे सहित कई मंत्री, विधायक और निगम-मंडल के पदाधिकारी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
विधायक पुरन्दर मिश्रा ने साझा कीं रूपरेखा की बातें -
उत्सव की तैयारियों को लेकर रायपुर उत्तर के विधायक पुरन्दर मिश्रा ने बताया कि विजयादशमी हमारी प्राचीन संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सदा धर्म, त्याग और मर्यादा पर चलने की राह दिखाता है, जबकि रावण दहन अहंकार और बुराइयों के पतन का संदेश देता है।

उन्होंने आगे कहा कि डब्ल्यूआरएस मैदान का यह उत्सव शहर की पहचान बन चुका है। यहां उमड़ने वाली पांच लाख की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक और जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि हर नागरिक उत्सव का आनंद सुरक्षित तरीके से ले सके।
इन व्यवस्थाओं पर रहेगा विशेष पहरा -
ट्रैफिक और पार्किंग: वाहनों की सुगम आवाजाही और गाड़ियों को सही ढंग से पार्क करने के लिए अलग क्षेत्र तय किए गए हैं, जिससे जाम की स्थिति न बने।
शुद्ध पेयजल: मैदान में आने वाले तमाम श्रद्धालुओं के लिए साफ पानी के पर्याप्त काउंटर बनाए जाएंगे।
चाक-चौबंद सुरक्षा: भारी भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।
आपातकालीन सेवाएं: किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की तैनाती रहेगी।
स्वच्छता और लाइटिंग: पूरे मैदान और आस-पास के रास्तों पर रोशनी और साफ-सफाई के कड़े प्रबंध होंगे।
वरिष्ठों व बच्चों का ध्यान: बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सहूलियत के लिए विशेष वालंटियर और व्यवस्थाएं रहेंगी।
फायर सेफ्टी: आतिशबाजी और दहन के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा।

विधायक ने प्रशासन, पुलिस और आयोजन समिति से अपील की है कि सभी मिलकर इस पर्व को शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न कराएं।
राम के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश -
पुरन्दर मिश्रा ने जोर देकर कहा कि दशहरा सिर्फ एक पुतला जलाने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों और अहंकार को खत्म करने का संकल्प है। उन्होंने राजधानीवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ बड़ी संख्या में पहुंचें, प्रशासन के नियमों का पालन करें और इस गौरवशाली परंपरा के साक्षी बनें।






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