छत्तीसगढ़ की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आप ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.....

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से :-
रायपुर, आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ ने प्रदेश की लचर व्यवस्था और जनसमस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों के साथ हो रहे धोखे, बदहाल शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं, जर्जर सड़कों, बढ़े हुए बिजली बिलों और अवैध नशे के कारोबार समेत 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आज (16 सितंबर 2026) प्रदेश की सभी 90 विधानसभाओं में तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सरकार पर बोला तीखा हमला -
आप नेताओं ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश का किसान पहले ही त्रस्त है और उसे मजबूरन महंगी यूरिया खाद खरीदनी पड़ रही है। एग्रीस्टेक और रकबा समर्पण के नाम पर किसानों का उत्पीड़न तत्काल बंद होना चाहिए, ताकि पिछले वर्षों की तरह अन्नदाताओं को आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े।
पार्टी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा: -
शिक्षा व्यवस्था: सरकारी शिक्षा का स्तर पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और देश में छत्तीसगढ़ का 34वें स्थान पर होना बेहद शर्मनाक है।
स्वास्थ्य और सड़कें: स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं, चारों तरफ सड़कें जर्जर हैं और आवारा मवेशियों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं।
बिजली और नशा: जनता बढ़े बिजली बिलों से हलाकान है और प्रदेश में अवैध नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है।
आप नेताओं ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार सिर्फ दिखावटी कार्यक्रमों में व्यस्त है, जबकि जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
आम आदमी पार्टी की मुख्य 7 सूत्रीय मांगें -
किसानों के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन को सरल बनाया जाए और रकबा समर्पण के नाम पर धोखा देना बंद किया जाए।
सरकारी स्कूलों की बदहाली, शिक्षकों की कमी और गिरते शैक्षणिक स्तर में तुरंत सुधार किया जाए।
अस्पतालों में डॉक्टरों, आवश्यक दवाइयों और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को दूर किया जाए।
गौधाम योजना के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हो और आवारा मवेशियों के उचित रखरखाव का स्थायी बंदोबस्त किया जाए।
राज्य की जर्जर और गड्ढायुक्त सड़कों की तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण कराया जाए।
बिजली के बढ़े हुए दामों और अनाप-शनाप बिलों को वापस लेकर आम जनता को राहत दी जाए।
प्रदेश में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार और मिलावटी शराब की बिक्री पर सख्त नियंत्रण किया जाए।
रायपुर कलेक्ट्रेट में ये रहे मौजूद -
राजधानी रायपुर में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से सूरज उपाध्याय, कलावती मार्को, अजीम खान, मिथिलेश साहू, इमरान खान, घनश्याम तिवारी, संजय गुप्ता, शिव शर्मा और विकास दास मानिकपुरी समेत कई अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।





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