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कर्णेश्वर धाम में सावन के अंतिम सोमवार पूर्व उमड़ा आस्था का सैलाब....

Aug 24
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

नगरी-सिहावा: सावन की फुहारों के बीच नगरी-सिहावा का ऐतिहासिक कर्णेश्वर धाम इन दिनों पूरी तरह शिवमय नजर आ रहा है। सावन के अंतिम सोमवार से पहले शनिवार को मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। हाथों में कांवड़ और होठों पर बोल बम के जयकारों के साथ पहुंचे शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। 11वीं सदी में राजा कर्ण द्वारा निर्मित माना जाने वाला प्राचीन कर्णेश्वर मंदिर सावन के दौरान आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। बस्तर, ओडिशा सहित आसपास के जिलों और स्थानीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांवड़िए यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु फूल, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से ठहरने की व्यवस्था की गई है। वहीं बोलबम समिति द्वारा भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। रात्रि में भजन-कीर्तन और धार्मिक झांकियों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे शाम होते ही पूरा कर्णेश्वर धाम शिव आराधना में डूब जाता है। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विकल गुप्ता सहित पदाधिकारियों ने सिहावा क्षेत्र को पर्यटन के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाने की मांग शासन से की है। उनका कहना है कि सिहावा धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सप्तऋषियों की तपोभूमि मानी जाने वाली सिहावा में महानदी का उद्गम स्थल भी स्थित है, जिसके चलते यहां वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। सावन के इस पावन अवसर पर कर्णेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब एक बार फिर सिहावा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सामने ला रहा है।

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