google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

कोरोना काल में 22 पंचायत सचिवों का कोरोना संक्रमित होकर जान गंवाना अपने आप में एक कर्तव्यनिष्ठा

May 20, 2021
3 min read

कोरोना काल में 22 पंचायत सचिवों का कोरोना संक्रमित होकर जान गंवाना अपने आप में एक कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है।

पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष तुलसी साहू ने बताया के प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ ने सरकार से अपील की है कि हमें दिगर मुहकमें में संक्रमित होकर जान गंवाने वालों की तरह पीठ थपथपवाने की लालसा या इच्छा नहीं है सरकार हमें प्रोत्साहित मात्र तो करें ।

अब हम बताते हैं आपको पंचायत सचिव किस चिड़िया का नाम है उसका क्या काम है और वह क्यों बदनाम है। छत्तीसगढ़ में 11664 पंचायतों में कार्यरत पंचायत सचिव पर शासन से लेकर राजनैतिक एवं स्थानीय बेहद दबाव रहता है। पंचायत सचिव के जिम्मे पंचायत के कार्यों के अतिरिक्त अनगिनत कार्य होते हैं। छत्तीसगढ़ में 11664 पंचायतों में कार्यरत सचिवों ने विगत 2 वर्षों के कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर बड़ी ईमानदारी से कार्य किया है। कोविड-19 के तहत टीकाकरण कार्य।

कोरोना काल मे टिका करण हेतु शिविर, लोगों को टीका लगवाने हेतु घर-घर जाकर प्रेरित करना।ग्रामीण जनों को टीकाकरण हेतु सेंटर तक लाने ले जाने हेतु परिवहन व्यवस्था करना।

कोरोना पॉजिटिव आने पर उनके घर में होम आईसुलेशन सहित जरूरी सामान की व्यवस्था करना।

प्रवासी मजदूरों के लिए कोरोनटाईन सेंटर,भोजन सहित आवास,पानी,बिजली की व्यवस्था।

प्रवासी मजदूर का बस स्टैंड रेलवे स्टेशन से और कोरोनटाईं न सेंटर तक लाने हेतु परिवहन व्यवस्था।

कोरोना संक्रमित मृतक के पार्थिव देह को अस्पताल से ले जाने सहित ससम्मान अंतिम संस्कार करना।

चयनित सभी चेक पोस्ट पर मुस्तैदी से ड्यूटी करना।

अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र में सैनिटाइजर का छिड़काव करना।

लॉकडाउन अवधि में ग्राम पंचायत क्षेत्र में धारा 144 का पालन सुनिश्चित करना ।

इन कार्यों के अतिरिक्त अनगिनत कार्य संपादित किए जाते हैं पंचायत सचिव द्वारा।हम आपको बताते चलें कि पंचायत सचिव 29 विभागों के 200 प्रकार के कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन करता है। आर्थिक सुदृढ़ीकरण के तहत मनरेगा का काम तथा शासन की अति महत्वपूर्ण योजना नरुवा,गरवा घुरुवा, बाड़ी का सफल संचालन करना।पंचायत में जन्म से लेकर मरण तक के लेखा-जोखा समस्त मदों के कार्य, खासकर जिनका निर्माण एजेंसी स्वयं पंचायत होता है उसकी पूरी जिम्मेदारी पंचायत सचिव की होती है।

गांव में किसी भी निजी समारोह में भी पानी की आपूर्ति बल्कि समारोह के पूरे समय जलापूर्ति, बिजली नहीं होने पर टैंकर से पानी व्यवस्था।

छोटे बड़े नेता रसूखदार सभी की तीमारदारी सचिव के सिर पर होती है।

पंचायत में कार्य कराने से लेकर आहरण तक लोगों की गिद्ध नजर रहती है, खासकर वे लोग जो पंचायत चुनाव हारे होते हैं या पूर्व पंच सरपंच होते हैं। उन्हें पंचायत की कार्यशैली, गतिविधि की पूरी जानकारी होती है और वे लोग ही अपने पंचायत बखियां उधेड़ते हैं दूसरों के माध्यम से। बहुत लोग सामने नहीं आते क्योंकि वे भी पुराने पापी की संज्ञा पा चुके होते हैं।

आशाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप पंचायत सचिव को चलना होता है सब को मैनेज कर के पंचायत सचिव चलता है। परंतु किसी तरह की थोड़ी भी त्रुटि या खामी नज़र आती है तो उसे बहुत बड़ा खमियाज़ा भुगतना पड़ता है।

कोविड-19 कार्य के दौरान 22 पंचायत सचिव का निधन हो चुका है। उनके परिवार के सदस्य आर्थिक तंगी में भुखमरी के कगार पर हैं कष्टप्रद जीवन व्यतीत करने पर मजबूर है।

पंचायत सचिवों का आज पर्यंत तक शासन /प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की सहायता नहीं करना अति कष्टप्रद एवं चिंता का विषय है। पंचायत सचिव सभी जिम्मेदारी, दायित्वो को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से करता रहा है और शासन/ प्रशासन द्वारा अन्य विभाग के कर्मचारियों को पीठ थपथपाते हुए ईनामों से नवाजा जाता है। पंचायत सचिवों को पीठ थपथपवाने या ईनाम तो दूर उन्हें बेहतर कार्य के लिए हौसला अफजाई या प्रोत्साहित तक नहीं किया जाता जिसका पंचायत सचिवों को हमेशा मलाल है और रहेगा।

इसका दूसरा पहलू यह भी है कि पंचायत सचिव के विरुद्ध किसी अदना सा व्यक्ति ने भी अकारण शिकायत दर्ज कर दी है तो उस पर कार्रवाई होना निश्चित है।

शिकायत की जांच किये बगैर शासन/ प्रशासन ग्राम पंचायत सचिव पर सख्त कार्यवाही कर देता है जो पूरी तरह न्याय संगत नही है।

इसी कोरोना काल में 20-25 पंचायत सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई करना जीता जागता उदाहरण है। जो कि न्याय संगत नही है एवं नियमों के विपरीत है।

पंचायत सचिव संघ ने मांग की है कि ,

1- पंचायत सचिवों को अनिवार्यतः बीमा का लाभ दिया जाए ।

2- कोरोना संक्रमण से असमय मृत्यु हुए पंचायत सचिवों के आश्रित परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जावे।

3- वर्तमान में पंचायत सचिवों का विभिन्न कार्यों में ड्यूटी ना लगाते हुए केवल एक ही कार्य कोरोटाईंन सेंटर की समस्त व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जावे।

4-, पंचायत सचिवों को भी अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह शिकायत जांच किए बिना निलंबन ना किया जावे।

ब्रेकिंग ADN न्यूज़

 
 
 

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html