google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

0रेंजर निगल गया मजदूरों की मजदूरी. 0 डेढ़ साल पहले का भुगतान 0आंदोलन की चेतावनी

Oct 4, 2020
4 min read


""विकास -बया की कलम से""


बया।। समीप के लवन वन परिक्षेत्र में चल रहे विभिन्न कार्यो का भुगतान वर्तमान रेंजर ने यह कह कर रोक दिया कि कार्य पुराने रेंजर ने करवाया है अब भुगतान भी वही करेंगे।रेंजर द्वारा मजदूरो को दी जा रही समझाइश से ऐसा लगता है की वन क्षेत्रों में विकास एवम विभिन्न कार्य रेंजर अपने स्वयम के फंड से करता है।बहरहाल उक्त मामले में लवन रेंजर एन के सिन्हा से उनके मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क का प्रयास किया गया परन्तु उन्होंने मोबाइल रिसीव नही किया।लिहाजा उन्हें मेसेज भेज कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया।परन्तु उन्होंने मेसेज का जवाब भी नही दिया।

मजदूरो से मिली जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र लवन के अंतर्गत करीब डेढ़ साल पहले कराए गए निर्माण कार्यों की मजदूरी एवं सामग्रियों का भुगतान रेन्जर के स्थानांतरण के बाद रोक दिया गया है। इस सम्बंध में मजदूरों द्वारा डी एफ ओ बलौदा बाजार एवं कलेक्टर का भी ध्यानाकर्षण कराया जा चुका है लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है।मजदूरो ने बताया कि वे विगत गुरुवार को मजदूरी भुगतान करने का आग्रह लेकर रेन्जर से मुलाकात की थी तब रेन्जर द्वारा पूर्व पदस्थ रेन्जर के समय का किसी भी तरह के कोई भी भुगतान करने से इंकार कर दिया।उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो कार्य कराया है भुगतान भी वही करेंगे।रेंजर की इस बात पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्हें कहा कि वे उनसे मजदूरी नही मांग रहे वे लवन परिक्षेत्र के रेंजर से निवेदन कर रहे है।जिससे आक्रोशित मजदूरों ने रेन्जर कार्यालय का घेराव कर दिया।इसके बाद आने वाले एक सप्ताह के भीतर भुगतान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञात हो कि वन परिक्षेत्र लवन अंतर्गत विगत वर्ष 2019 के मार्च अप्रैल में वन ग्राम घिरघोल, पुटपुरा, भन्डोरा सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीणों द्वारा डामर, घेरु, रोड निर्माण, फेंसिंग कार्य सहित विभिन्न निर्माण कार्य कराया गया जिसका भुगतान गरीब मजदूरों को अभी तक नही किया गया है जबकि कार्य किये डेढ़ वर्ष से ऊपर हो गया। साथ ही इसकी शिकायत पिछले माह अगस्त में जिला कलेक्टर से भी की जा चुकी है।लेकिन अभी तक किसी के द्वारा कोई सुध नही ली गयी। इस सम्बंध में ग्राम पंचायत घिरघोल निवासी अशोक दास मानिकपुरी, संजय ध्रुव, अजय ध्रुव, बड़कू निषाद, नरेश निषाद, रूखमणी पैकरा पंच, मनमोहिनी निषाद, बैशाखू ध्रुव, विजय ध्रुव, जोहन ध्रुव, पिंटू ध्रुव, मनी राम साहू, धरमु देवदास, धरमू साहू, अवध ध्रुव, राजकुमार ध्रुव पिला राम निषाद एवं घना राम सहित ग्रामीण जनों ने बताया कि उन्होंने करीब 40- 40 दिनों तक कार्य किया है जिसमें मात्र दो से ढाई हजार रुपए तक ही भुगतान किया गया है और बाकी का भुगतान करीब 10- 10 हजार रुपए और किया जाना है अभी तक नही किया गया है जिसकी मांग को लेकर गुरुवार को पुनः बलदा कछार स्थित मुख्यालय में रेंजर से मुलाकात की गई लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी एन के सिन्हा द्वारा साफ तौर पर पूर्व पदस्थ रेन्जर के कार्यकाल के किसी भुगतान किये जाने से इंकार कर दिया गया।

।।रेंजर अपनी जागीर समझ रहे।।

उल्लेखनीय है कि जिस समय मजदूरों के द्वारा उक्त कार्य किया गया उस समय वन परिक्षेत्र अधिकारी के रूप में अनिल वर्मा पदस्थ थे जिनका स्थानांतरण धमतरी जिला के दुगली वन परिक्षेत्र हो जाने के बाद लवन वन परिक्षेत्र में एन के सिन्हा पदस्थ है जो साफ तौर पर किसी भी कार्य के भुगतान से साफ मना कर रहे हैं ।जबकि कई निर्माण कार्यो का भी मजदूरी भुगतान अभी बाकी है और इसकी जानकारी सभी अध इस सम्बंध में पूर्व जनपद पंचायत सदस्य कृष्ण कुमार करकाम ने बताया कि जिस समय वन परिक्षेत्र अधिकारी के रूप में श्री सिन्हा यहाँ पदस्थ हुए उस समय उनको भुगतान की बकाया होने की जानकारी दी गई थी।परन्तु श्री सिन्हा लवन परिक्षेत्र में स्वयम को शासन का प्रतिनिधि मानने की बजाय लवन रेंज को अपनी जागीर समझ कर मजदूरो को परेशान कर रहे है।

।।।निर्माण सामग्रियों का करोड़ों का भुगतान रुका है , वेल्डिंग दुकान हुआ बन्द।।

वन परिक्षेत्र लवन के अंतर्गत तत्कालीन रेन्जर अनिल वर्मा के कार्यकाल में हुए निर्माण कार्यों में कसडोल सहित विभिन्न स्थानों के निर्माण सामग्री सप्लायरों के करोड़ों रुपये के निर्माण सामग्रियों का भुगतान उनके एवं तत्कालीन डी एफ ओ विश्वेशं झा के स्थानांतरण के बाद आए नए डी एफ ओ आलोक तिवारी एवं रेन्जर एन के सिन्हा द्वारा जानबूझकर डेढ़ साल से रोक दिया गया है । वन परिक्षेत्र कार्यालय , रेन्जर एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण के लिए ग्राम बल्दाकछार के एक बेल्डिंग दुकान वाले को खिड़की ,दरवाजे लगाने का काम दिया गया था और उसने उनके अनुसार निर्माण कार्य पूरा कर दिया है लेकिन रेन्जर के स्थानांतरण के बाद आए नए रेन्जर द्वारा भुगतान के संबंध में अनिल वर्मा से सम्पर्क करने कहा जाता है , यहाँ पर सवाल यह उठता है कि निर्माण सामग्री की आपूर्ति करने वाले या मजदूरों ने क्या रेन्जर अनिल वर्मा के घर का व्यकितगत काम किया है । लोगों ने शासकीय ~कार्य~ है भुगतान अवश्य होगा इस उम्मीद से कार्य किया था यदि ऐसा ही रवैया रहा तो वन विभाग क्या किसी भी विभाग को दुकानदार एक रुपये का भी उधारी देने से कतराएंगे क्योंकि कोई भी अधिकारी किसी एक स्थान के लिए अनुबंध करके सेवा में नहीं आता उनकी पोस्टिंग होती है और कभी भी स्थानांतरित किया जा सकता है ।

।।भुगतान हेतु जांच,,सिन्हा।।

इधर लवन के परिक्षेत्र अधिकारी ने एक व्हाट्सएप्प मेसेज के माध्यम से बताया कि उक्त मामले में अभी जांच की प्रक्रिया पर है ।जांच की प्रक्रिया एवं वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार भुगतान किया जावेगा ।

00इस तरह के मामले वन विभाग में बहुतायत किये जाते हैं क्योंकि यह कैसा विभाग है। जिसमें किये गए भ्र्ष्टाचार की जानकारी बहुत कम लोगों को मिलती है। ""जंगल में मोर नाचा किसने देखा"" इस युक्ति को चरितार्थ करते हुए वन विभाग अधिकारी अक्सर कई मामलों के पैसे डकार जाते हैं।


 
 
 

Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html