लोग समझ नहीं रहे हैं कोरोना वायरस के प्रकोप को।

केवल पुलिस एवं प्रशासन की डर से मुँह ढक रहे हैं।
चौक चौराहों में या सिटी के अंदर मास्क पहन लिया या गमछा लपेट लिया मानो एहसान कर दिया।अपनी हिफाजत के लिए मास्क नहीं पहन रहे लोग ,केवल पुलिस और प्रशासन के डर से खानापूर्ति कर खुद को ठग रहे हैं। हेलमेट पहनना अनिवार्य है किंतु कितने लोग पहनते हैं हेलमेट?
लोग हेलमेट की अनिवार्यता को समझते नहीं हैं
ल्के में लेते हैं। हेलमेट के ना पहनने से केवल उसी को नुकसान होता है जिसका एक्सीडेंट होता है परंतु कोरोनावायरस संक्रमण की बचाव के लिए मास्क ना पहनने से खुद को तो नुकसान करता ही है साथ में दूसरों को भी चपेट में ले लेता है। खांसने या छीकने से यह संक्रमण जल्दी फैलता है ,बात करने पर थूकने से यह वायरस एक से दूसरे पर संक्रमित करता है।

अफसोस की बात तो यह है कि लोग मास्क की महत्ता को बिल्कुल नहीं समझ रहे हैं ।गांव से जो भी व्यक्ति शहर आता है वह शहर के दहलीज पर मास्क लगाएगा, उसे केवल फौरी तौर पर पुलिस या प्रशासन को मास्क पहना हुआ दिखा कर बचना है। उसे इस बात का कतई डर नहीं कि मेरे मास्क नहीं लगाने से मैं संक्रमित हो जाऊंगा ।कब तक पुलिस और प्रशासन आपको हमको मास्क पहनने, दूरी बनाने ,हाथ धोने की बात कहते रहेगी।
अब आगे चलकर आपको कोई कुछ नहीं बोलेगा अगर आप एहतियात बरतेगें, तो आप बचेंगे, अपनों को सुरक्षित रखेंगे अपने परिवार दोस्त रिश्तेदार को बचाएंगे वरना आगे आने वाला समय, दिन ,काल निश्चित ही भयावह होने वाला है।

1 साल पहले तक केवल चीन देश ही संक्रमित था।।सिर्फ कुछ ही महीनों में अन्य देशों में आया, फिर हमारे देश में आया, देश से प्रांत जिला और ब्लाक में शहर में अब आगे गांव गांव गली गली घर घर पहुंचेगा। लोग इसे गंभीरता से नहीं लेंगे तो स्थिति भयावह होना तय है।।लोग सोच रहे हैं हमारा गांव सुरक्षित है हमारा मोहल्ला सुरक्षित है हमारा घर सुरक्षित है किंतु कोई सुरक्षित नहीं है ।इस तरह की सोच ही तो हमे मौत के मुंह मे लेजा रही है।जब हम अपने नाते रिश्तेदारों को संक्रमित होता देखेंगे, उनकी मौत होगी तब आंख खुलेगी ।लेकिन तब तक बहुत कुछ तबाह हो चुका होगा, और ऐसा ही होगा। क्यूंकि हम इस वायरस की विनाशकारी लीला की भावह दशा को नहीं समझ रहे हैं।

मैं डरा नहीं रहा हूं ,इसकी हकीकत से आप लोगों को रूबरू करा रहा हूं। इस वायरस से डरना नहीं चाहिए इसके लिए जो एहतियात है उसे जरूर बरतना चाहिए।
ईश्वर ने हमें मानव जीवन दिया है फिर हम देखकर सुनकर एहतियात क्यूं नहीं कर रहे हैं। जब हमारे ऊपर पूरी तरह वायरस हावी हो जाएगा तब हम प्राथमिकी की सोचेंगे। जबकि पानी सर से ऊपर हो चुका होगा।
जानकारों का कहना है कि छत्तीसगढ़ की स्तिथि अगले दो महीनों में भयावह हो सकती है और होना भी है

क्योंकि हम इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सबको लग रहा है हमें कोरोनावायरस नहीं होगा ईश्वर करे ना हो लेकिन यह सच नहीं है अमेरिका जैसा देश कोरोना के सामने घुटने टेक चुका है।
ब्रेकिंग ADN न्यूज़ आप सबों से विनती करता है कि भीड़ भाड़ में ना जाए, ना ही भीड़ बढ़ाएं, मास्क पहने, दूरियां बनाएं, हाथ धोयें साबुन से ,ऐसा अगर आप सभी अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो आप निश्चित ही सुरक्षित रहेंगे। खुद बचे, अपनों को बचाए, गांव मोहल्ले को बचाएं, देश को बचाएं ।मास्क पहने, दूरियां बनाएं एवं जब भी घर में आए साबुन से हाथ धोए यही बचने का उपाय है और कोई दूसरा उपाय या इलाज नहीं है यह कटु सत्य है।
ब्रेकिंग ADN न्यूज़
अनीस लाला दानी






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