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9 सितंबर को छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित...

Sep 7
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक 9 सितंबर को आयोजित की जाएगी। कैबिनेट की बैठक सुबह 11:30 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी। बैठक में प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों और प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव मीडिया से चर्चा करेंगे और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देंगे। इससे पहले मंत्रिपरिषद की बैठक 5 अगस्त को हुई थी, जिसमें राज्य के प्रशासनिक, तकनीकी, औद्योगिक, अधोसंरचना और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए थे। ऐसे में करीब एक महीने बाद होने जा रही कैबिनेट बैठक पर एक बार फिर सभी की निगाहें रहेंगी।


AI मिशन के लिए 500 करोड़ की मंजूरी-

पिछली कैबिनेट बैठक के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ को मंजूरी देना शामिल था। पांच वर्षों के इस मिशन पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। इसके तहत राज्य में 100 AI डेटा लैब और पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाने हैं। इसके अलावा 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता देने, छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी कामकाज को आसान और तेज बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित करने की भी योजना है।


BEML के भारी मशीन निर्माण संयंत्र को हरी झंडी-

पिछली बैठक में राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने के लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली थी। इसे छत्तीसगढ़ में इस क्षेत्र का पहला बड़ा उद्योग बताया गया है। सरकार का मानना है कि संयंत्र स्थापित होने से बड़े निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।


PWD के निर्माण कार्य होंगे डिजिटल-

लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम यानी WAMIS के प्रथम चरण को भी मंजूरी दी गई थी। इस व्यवस्था के जरिए कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक, बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता की निगरानी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की जाएगी। सी-डैक पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाना है। इसके बाद अन्य निर्माण और अधोसंरचना विभागों में इसका विस्तार किया जाएगा।


ग्रामीण सड़कों के नियमों में हुआ था बदलाव-

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत बारहमासी सड़कों के निर्माण से संबंधित दिशा-निर्देशों में भी संशोधन को मंजूरी दी गई थी। ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण और सड़क निर्माण से पहले मनरेगा से मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त करने का फैसला लिया गया। योजना के दायरे में ऐसे ग्रामीण मार्गों को भी शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या दूसरी योजनाओं में शामिल नहीं हैं।


अंजोर विजन 2047 के लिए मिलेगा 15 करोड़ का अनुदान -

मंत्रिपरिषद ने एशियन डेवलपमेंट बैंक से ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के क्रियान्वयन के लिए Anjor LIGHT तकनीकी सहायता परियोजना के तहत 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान प्राप्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी। यह तीन वर्षीय परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक प्रस्तावित है। इसके तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन, PPP इकोसिस्टम, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता और क्लाइमेट-रेजिलिएंट परियोजनाओं पर काम किया जाना है।


योजनाओं के भुगतान के लिए S-SNA मॉडल-

राज्य की योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency यानी S-SNA मॉडल लागू करने का निर्णय भी पिछली बैठक में लिया गया था। इसके तहत योजनाओं की राशि अलग-अलग बैंक खातों में लंबे समय तक रखने के बजाय केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से जरूरत के अनुसार हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था से वित्तीय पारदर्शिता और रियल-टाइम निगरानी को मजबूत करना है।


पावर कंपनी 200 करोड़ तक के बॉन्ड करेगी जारी-

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर या बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य कंपनी के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प तैयार करना और विद्युत अधोसंरचना में निवेश बढ़ाना है। अब 9 सितंबर को होने वाली बैठक में सरकार किन नए प्रस्तावों को मंजूरी देती है, इस पर नजर रहेगी। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव कैबिनेट के फैसलों की आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे।

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