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317 करोड़ का झटका: दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ीं...

Aug 11
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

दुर्ग :- दुर्ग के चर्चित गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य जीएसटी विभाग ने उसके खिलाफ 317 करोड़ रुपये की टैक्स और पेनल्टी का आदेश जारी किया है। विभाग के आदेश के अनुसार निर्धारित राशि 90 दिन के भीतर जमा करनी होगी। राज्य जीएसटी विभाग की जांच में प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखे के कारोबार से जुड़े कई तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। विभाग के मुताबिक करीब पांच वर्षों से प्रदेशभर में नेटवर्किंग के जरिए यह कारोबार संचालित किया जा रहा था।


जांच में सामने आया कि ‘सितार’ नाम से गुटखा तैयार कर उसे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। विभाग ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पांच वर्षों के कारोबार की गणना की और इसी आधार पर बकाया टैक्स व पेनल्टी की राशि निर्धारित की। जीएसटी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गुरमुख जुमनानी के खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। मामले की जांच के दौरान उसके तीन कर्मचारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार इन कर्मचारियों से एफिडेविट भी लिया गया है। इसका मकसद यह है कि यदि वे बाद में कोर्ट में अपने बयान से मुकरते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।


जांच के दौरान जीएसटी विभाग ने गुरमुख जुमनानी के मालिकाना हक वाली 12 संपत्तियों को चिन्हित किया है। विभाग के मुताबिक यदि 90 दिन की निर्धारित अवधि में 317 करोड़ रुपये की टैक्स-पेनल्टी राशि जमा नहीं की जाती है तो इन संपत्तियों को कुर्क कर बकाया रकम की वसूली की जा सकती है। जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि ‘सितार’ गुटखा बनाने का फार्मूला तैयार करने के लिए छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश से एक कर्मचारी को बुलाया गया था। इसके बाद गुटखे के निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच की गई।


जीएसटी विभाग की टीम ने जुलाई 2025 में गुरमुख जुमनानी से जुड़ी जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में छापा मारा था। जांच के दौरान अधिकारियों को दोनों फैक्ट्रियों में गुटखे की सिर्फ पैकिंग किए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद जांच टीम ने कारोबारी के बेटे सागर जुमनानी की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री में भी जांच की। विभाग ने यहां भी गुटखे के निर्माण, पैकिंग और सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। अब जीएसटी विभाग के 317 करोड़ रुपये के टैक्स-पेनल्टी आदेश के बाद कारोबारी को 90 दिन के भीतर राशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर विभाग द्वारा चिन्हित संपत्तियों की कुर्की कर रकम की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।

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