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जम्मू-कश्मीर में बंधक बने 4 परिवारों के 16 सदस्य कराए गए मुक्त...

Sep 7
2 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-

जांजगीर-चांपा:- रोजगार की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए चार मजदूर परिवारों के 16 सदस्यों की सकुशल घर वापसी कराई गई है। पुलिस के अनुसार, ये परिवार पुलवामा क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे और उन्होंने मजदूरी का भुगतान नहीं करने तथा बंधन में रखकर काम कराने का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी विजय कुमार पाण्डेय IPS की पहल पर जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क स्थापित किया गया और सभी को सुरक्षित मुक्त कराया गया। पुलिस ने अपने खर्चे से सभी श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को ट्रेन के माध्यम से जांजगीर पहुंचाया। इनमें बच्चे भी शामिल हैं। जांजगीर पहुंचने के बाद एएसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने सभी परिवारों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इसके बाद पुलिस बस से उन्हें सम्मानपूर्वक उनके गृह ग्रामों के लिए रवाना किया गया।


रोजगार की तलाश में गए थे जम्मू-कश्मीर

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, करीब तीन वर्ष पहले बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम कपिस्दा निवासी नरेश बंजारे, पवन बंजारे और मधु खडेल तथा सक्ती क्षेत्र के बाराद्वार निवासी संतोष टंडन रोजगार की तलाश में एक व्यक्ति के माध्यम से जम्मू-कश्मीर गए थे। चारों परिवार पुलवामा क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे में मजदूरी का काम करने लगे। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य और बच्चे भी थे। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि ईंट भट्ठा संचालक द्वारा उनसे काम तो कराया जा रहा था, लेकिन उसके एवज में मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि उन्हें वहां से जाने नहीं दिया जा रहा था और जबरन काम कराया जा रहा था।


फोन से परिचित को दी जानकारी

किसी तरह नरेश बंजारे ने फोन के जरिए अपनी स्थिति की जानकारी परिचित जवाहर टंडन तक पहुंचाई। इसके बाद मामला भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष राम स्वरूप आजाद तक पहुंचा। उन्होंने प्रदेश महासचिव कलेश्वर खूंटे को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कलेश्वर खूंटे ने अपनी टीम के साथ एसपी विजय कुमार पाण्डेय से मुलाकात कर मजदूर परिवारों की स्थिति के बारे में बताया और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी।


एसपी ने तत्काल जम्मू-कश्मीर पुलिस से किया संपर्क

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने तत्काल संज्ञान लिया। जांजगीर-चांपा पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संपर्क और समन्वय स्थापित कर परिवारों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू की। आवश्यक कार्रवाई के बाद चारों परिवारों के कुल 16 सदस्यों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। पुलिस के मुताबिक, इनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इसके बाद इन सभी लोगों को वापस छत्तीसगढ़ लाने की व्यवस्था की गई। पुलिस ने श्रमिकों और उनके परिजनों की ट्रेन यात्रा का खर्च स्वयं उठाया और उन्हें सकुशल जांजगीर पहुंचाया।


पुलिस बस से गृह ग्राम भेजे गए परिवार

जांजगीर पहुंचने के बाद एएसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने वापस लौटे परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी स्थिति और यात्रा के बारे में जानकारी ली। इसके बाद पुलिस की ओर से बस की व्यवस्था कर परिवारों को उनके गृह ग्रामों तक रवाना किया गया। करीब तीन साल से घर से दूर रह रहे लोगों की वापसी से उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संकट में फंसे लोगों की सहायता के लिए विभाग तत्पर है। मजदूर परिवारों की सुरक्षित वापसी के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय से कार्रवाई पूरी की गई।


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