पटवारी हड़ताल से हो जाएँ टेंशन फ्री, अब पटवारियों के बिना बनेगा आय और जाति प्रमाण पत्र, पढ़े निर्देश

पटवारी हड़ताल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा निर्देश,
आम जनता, किसान, छात्र छात्राओं को आय एवं जाति प्रमाण-पत्र बनवाने में हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा पटवारियों के हड़ताल से वापस नहीं आने के कारण आय एवं जाति प्रमाण पत्र तैयार किए जाने के संबंध में अस्थायी दिशा निर्देश जनसामान्य हेतु प्रसारित किए गए हैं। उक्त आदेश में उल्लेखित है कि छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता अधिनियम 1979 (राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 की धारा 4 की उपधारा 1 तथा 2 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राजस्व विभाग के पटवारियों के लिए यह आदेश जारी किया है। यह आदेश 7 जून से प्रभावीशील किया गया है और आगामी 3 महीने के लिए प्रभावशील रहेगा।) लागू किये जाने के बाद भी पटवारी हड़ताल से वापस नहीं आए हैं, जिसके कारण जनसामान्य को आय जाति प्रमाण-पत्र बनवाने एवं प्राप्त करने में असुविधा हो रही है।
वर्तमान में शासकीय सेवाओं में भर्ती एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश के लिए आय एवं जाति प्रमाण पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, अतः आगामी आदेश पर्यंत आय एवं जाति प्रमाण पत्र तैयार किए जाने के संबंध में अस्थायी निर्देश प्रसारित किया गया है। जो कि जाति प्रमाण पत्र के लिए वांछित भू-अभिलेख, मिसल, अभिलेख, जनगणना अभिलेख, दाखिल खारिज रजिस्टर, जमाबंदी एवं खसरे की नकल जिसमें आवेदक एवं उसके परिवार के किसी सदस्य की जाति अंकित है की आवश्यकता सामान्यतः होती है। उपरोक्त सभी दस्तावेज जिला कार्यालय के अभिलेखागार एवं अन्य विभागों के विभागीय पोर्टल पर भी ऑनलाइन उपलब्ध है। अतः यह उचित होगा कि ऐसे दस्तावेज पटवारी से प्राप्त करने के लिए आवेदकों को बाध्य ना करते हुए उनके द्वारा ऑनलाइन या जिला रिकॉर्ड रूम से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही की जाए। छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग नियम, 2013 के नियम 3 के अनुसार आवेदक से वंशावली प्राप्त करने के निर्देश हैं। यदि वंशावली अभिलेखों से पुष्ट है तो इसकी आवश्यकता भी नहीं है, फिर भी आवश्यक होने पर ऐसी वंशावली ग्राम पंचायत के सचिव अथवा ग्राम पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर स्वीकार करते हुए आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया जावे। इसी तरह आय प्रमाण पत्र के लिए वांछित दस्तावेजों में नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए उनके द्वारा अंतिम वित्तीय वर्ष का आयकर रिटर्न लिया जा सकता है अथवा उनके नियोक्ता के द्वारा जारी वार्षिक आय की जानकारी को मान्य करते हुए आय प्रमाण पत्र जारी किए जा सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के खेतिहर मजदूर, छोटे कृषकों को आय प्रमाण पत्र के लिए उनके द्वारा यदि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सूची में नाम हो या ऐसा राशन कार्ड हो या मनरेगा जॉब कार्ड हो अथवा श्रमिक कार्ड होने पर यदि आवश्यक हो तो ग्राम पंचायत सरपंच / पंचायत सचिव / पार्षद से भी आय प्रमाण पत्र प्राप्त कर इन दस्तावेजों के आधार पर आवेदकों को आय का प्रमाण पत्र जारी किया जावे। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी स्थिति में इन प्रमाण पत्र के लिये आवेदकों से ऐसे दस्तावेजों की मांग ना की जाए जिसकी पूर्ति हेतु आवेदक को पटवारी प्रतिवेदन पर निर्भर होना पड़े। यह निर्देश आगामी आदेश पर्यंत प्रभावशील रहेगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने उपरोक्त निर्देशों के कड़ाई से पालन कराया जाना एवं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं।






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