वन्य प्राणी चीतल के शिकार मामले में वन विभाग की टीम ने चार ग्रामीणों को रंगे हांथो पकड़ा गया

पिथौरा के लवन वन परिक्षेत्र से एक घटना सामने आई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार विगत 7 मार्च की सुबह 7 बजे वन गश्त के दौरान अवैध शिकार के निशान ग्राम घिरघोल निवासी विष्णु प्रसाद ध्रुव के खेत के पास मिले है। वन विभाग के निरीक्षण दौरान शिकार हुए चीतल का खून बिखरा मिला। जिसके आधार पर वन विभाग के अफसरों ने किसान विष्णु प्रसाद ध्रुव से पूछताछ की, जिससे ज्ञात हुआ विष्णु प्रसाद ध्रुव(46 ), टेकराम ध्रुव(29), रघुनाथ निषाद(32), शोभाराम निषाद(35) सभी निवासी ग्राम घिरघोल के है। ने 11 केव्ही के विद्युत तार को जीआई तार के माध्यम से करंट फैलाकर वन्य प्राणी नर चीतल का शिकार करना स्वीकारा गया है। स्थल के निरीक्षण से एक कुल्हाडी, एक बाइक, चीतल के चार पैर व मांस के टुकड़े मिले। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने एक नर वन्यप्राणी चीतल का बिजली करंट 11 केव्ही से शिकार किया है।
वन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई कर आरोपियों के विरूद्ध भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 के अनुसार, अनुसूची - 2, भाग - 2 सरल क्रमांक - 7 के तहत जुर्म कायम कर P.O.R. क्रमांक 15623/19 जारी कर गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ से चारो आरोपियों (विष्णु प्रसाद ध्रुव, टेकराम ध्रुव, रघुनाथ निषाद, शोभाराम निषाद) को जेल भेज दिया गया है






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