दुर्ग - आवारा कुत्तों के झुण्ड और सांड के आतंक से परेशान

दुर्ग जिले के नगर निगम के वार्ड-4 गया नगर में रहने वाले इन दिनों आवारा कुत्ते और सांड सर काफी परेशान हैं। सड़क पर निकलते ही आम लोगों का डर इनके मन मस्तिष्क से उतर नहीं पा रहा है क्योंकि एक ही दिन में इस वार्ड के एक के बाद एक दर्जन लोग घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचे हैं।
आपको बताते चलें कि वार्ड क्रमांक 4 में कल एक आवारा कुत्ते ने 2 घंटे के अंदर 10 से अधिक लोगों को काट कर घायल कर दिया, जिससे पूरे मोहल्ले में आवारा कुत्ते की दशहत है। इसकी शिकायत वार्ड की पार्षद श्रीमती लीना दिनेश देवांगन ने निगम आयुक्त लुमेश चंद्राकर सहित निगम अधिकारियों से की है। इसी प्रकार वार्ड में सांड का भी आतंक छाया हुआ है। लोग बता रहे कि यह स्थिति कमोबेश शहर के सभी वार्डों में है। जहाँ लोग गलियों व सड़कों में झुंड में बैठे कुत्ते व सांडो के कारण आए दिन हादसे के शिकार हो रहे हैं फिर भी निगम प्रशासन द्वारा इसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किया जा रहा। निगम के पूर्व सभापति दिनेश देवांगन ने निगम प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि शहर की जनता आवारा कुत्ते व सांडो से परेशान है फिर भी निगम के सत्तासीन कंग्रेसी परिषद बेपरवाह है, विधायक व महापौर जनता को इससे छुटकारा दिलाने आज तक कोई ठोस योजना नही बना पाए हैं। ताजा घटनाक्रम में पहली घटना गया नगर गली नम्बर 3 स्थित परमेश्वरी विद्यालय के पास हुई जहां कक्षा 6वीं की छात्रा अंजली साहू 8 वर्ष व कक्षा 7वीं की छात्रा कोमल यादव 10 वर्ष, जो कि परीक्षा देकर घर लौट रही थीं, इन्हें आवारा कुत्तों ने दौड़ा कर काट लिया।

इसके बाद इसी आवारा कुत्ते के द्वारा दूसरी गली में खड़े दो अलग अलग युवा राहुल राजपूत 31वर्ष व बिट्टू कौशल 22 वर्ष को काट लिया। जिसके बाद लोगों के दौड़ाने पर सब्जी व फल बेचने निकली एक महिला को काट लिया गया। वहीं घर के दरवाजे पर खड़ी अमरीका बाई 55 वर्ष को काटने के बाद आगे थोड़ी दूर में अपने घर के सामने खेल रहे 3 वर्षीय मासूम बालक टेमेंद्र साहू के पीठ को बुरी तरह से काट कर गहरा घाव कर दिया है। इसके बाद उसी कुत्ते ने और लगातार कई लोगो को काटा। जिसकी जानकारी वार्ड पार्षद को मिलने पर उन्होंने वार्ड के सफाई कर्मियों को पकड़ने भेजा, किंतु काबू नही आने के बाद डॉग कैचर की टीम बुलाकर पकड़वाया गया। इसी प्रकार सांडो के आतंक से भी लोग परेशान हैं। वार्ड सहित अन्य गलियों में भी झुंडों में बैठे गायों व सांड द्वारा आपस मे झगड़ने व आम लोगो पर अकस्मात हमला करने पर भी लोग घबराए हुए हैं।आज गया नगर गली नम्बर 2 में सांडो के झुंड ने आपस मे झगड़ते हुए पहले तो रोड में खड़े वाहन व ठेले को नुकसान पहुँचाया फिर उनमें एक सांड लड़ते हुए उल्टे स्थिति में नाली के अंदर गिर गया जिसकी जानकारी मिलने पर उक्त सांड को पूर्व सभापति दिनेश देवांगन, निगम के स्वीपरों एवं मुहल्ले वासियों के सहयोग से बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया।

इस प्रकार की स्थिति शहर के सभी वार्डो में है, जहां आवारा कुत्ते व जानवरों से लोग बेहद परेशान हैं फिर भी निगम प्रशासन द्वारा इस तरह की घटनाओं को रोकने हेतु कोई ठोस उपाय नही किया जा रहा है। इस सम्बंध में निगम के पूर्व सभापति दिनेश देवांगन ने निगम के वर्तमान कांग्रेसी परिषद को सबसे लापरवाह व नाकाम शासन काल बताते हुए कहा कि दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल जनहितैषी सोच एवं इच्छा शक्ति की कमी के चलते ही लोग केवल कुत्ते व जानवरों की ही समस्या से नहीं जूझ रहे बल्कि बेहतर साफ सफाई के आभाव में डायरिया से बीमारी से भी ग्रस्त हो रहे हैं फिर भी जनता की भलाई में ये जनप्रतिनिधि संवेदनहीन बने हुए हैं। इनके कार्यकाल के आधे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी न तो डॉग हाऊस बना सके और न ही आवारा पशुओं के नियंत्रण लिए कोई ठोस व्यवस्था कर पाए हैं, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।






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