डिजिटल युग में अन्धविश्वास का कहर, गर्म सलाखों से बच्ची का इलाज, बच्ची ने तोड़ा दम,

मध्य प्रदेश के शहडोल संभाग में बच्चों को गर्म सलाखों से दागने के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। यहां फिर इलाज के नाम पर दो मासूम बच्चों को गर्म सलाखों से दागा गया, जिसमें एक बच्चे की मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान ही मौत हो गई। वहीं दूसरे बच्चे की हालत गंभीर है। उसे वेंटिलेटर में रखा गया है।
मध्यप्रदेश के शहड़ोल जिले में 5 महीने की बच्ची को सांस लेने में तकलीफ के चलते इलाज के नाम पर गर्म सलाखों से दागा गया और हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजनों ने उपचार के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान मासूम बच्ची (काव्या) की मौत हो गई।

इसी प्रकार एक और मामला उमरिया जिले के करकेली का है जहाँ 5 महीने के दिव्यांश को भी गर्म सलाखों से दागने के बाद हालात ज्यादा बिगड़ने पर उपचार के लिए मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है, जहां वह वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। बता दें कि आदिवासी बाहुल्य शहडोल संभाग में दगना कुप्रथा हावी है। यहां अंधविश्वास के फेर में इलाज के नाम पर मासूम बच्चों को दागने की कुप्रथा आज भी जारी है। दगना कुप्रथा के चलते संभाग में कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है, फिर भी परिजन इस कुप्रथा से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।






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