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क्या शासकीय भूमि का क्रय विक्रय संभव ? या भूमाफियाओं का साथ दे रहे है राजस्व अधिकारी ? पढ़िए ख़बर

Apr 10, 2023
3 min read

शासकीय भूमि को फर्जी तरीके से अपने नाबालिक बेटे के नाम करवाई रजिस्ट्री, सबूतों, शिकायतों के ढेर पर कोई कार्यवाही नहीं, भूमाफियाओं संग राजस्व अधिकारी

हमें मिली जानकारी के अनुसार बीते वर्ष के दिनांक 17 अगस्त 2021 को सरायपाली अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के समक्ष एक मामला पेश किया गया था कि 30 वर्षों की आवासीय लीज पर प्राप्त हुई शासकीय घास भूमि को भू माफियाओं के द्वारा अपने धन एवं राजनीतिक प्रभाव से फर्जी तरीके से डुप्लीकेट ऋण पुस्तिका बना कर अपने नाबालिक बेटे के नाम रजिस्ट्री कर व्यावसाय हेतु उपयोग किया जा रहा है,

हम आपको बताते चलें कि गत 2 वर्षों में सभी सबूतों के साथ प्रकरण की शिकायत करने पर राजस्व अधिकारियों के द्वारा न कोई मुकदमा चलाया गया, ना ही कार्यवाही की गई, जिसपर सरायपाली में नव पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी सुश्री नम्रता जैन से त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय की उम्मीद से आवेदन देने के बाद निवेदक सिद्धेश्वर प्रकाश ने बताया कि बसना प.ह.न.34 के खसरा क्र. 122/1ड प्लाट न. 18/2 का रकबा 884 वर्ग फिट भू भाग को श्रीमान अतिरिक्त कलेक्टर महोदय रायपुर द्वारा राजस्व प्रकरण 113/30/58-59 ग्राम बसना S.No. 3821361,PC. No. 27/48 को सन 1959 में स्व श्री रामकुमार अग्रवाल पिता श्री पन्नालाल अग्रवाल को 30 वर्षों की लीज पर दिनांक 01/06/1959 से 31/05/1989 तक आवासीय पट्टा प्रदान किया गया था जिसे वर्तमान में ऑनलाईन में स्व श्री रामकुमार अग्रवाल की लीज पर मिली हुई भूमि भँवरपुर निवासी संजय पिता ईश्वरप्रकाश अग्रवाल के नाम पर भू स्वामी हक़ की व्यपवर्तित भूमि दिखा रहा है, जबकि रेवन्यू इंस्पेक्टर (कानूनगो)शाखा के पांच साला खसरा 1990-95 व 2000 में इसका कोई उल्लेख नहीं है। इस मामले की शिकायत सिद्धेश्वर प्रकाश ने दिनांक 24/06/2019 को तहसीलदार बसना एवं दिनांक 03/12/2019 को अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली को किया था, जिसमें कोई कार्यवाही नहीं होने पर दिनांक 13/02/2020 को अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सरायपाली को भा.द. स. की धारा 467,468 व 471 के तहत 420 का मामला दर्ज कर प्राथमिकी दर्ज करने का निवेदन किया गया था। उक्त सभी तथ्यों की जाँच के लिए राजस्व निरीक्षक बसना श्री राकेश यादव द्वारा सिद्धेश्वर प्रकाश को फोन कर 02/09/2020 को बसना बुलाया गया था जिस पर समस्त कागजात का अवलोकन एवं मौका निरीक्षण कर 19/09/2020 को जांच प्रतिवेदन बसना तहसील कार्यालय में जमा कर दिया गया था ।

जुमला जांच प्रतिवेदनो से यह बात सामने आई कि स्वर्गीय राम कुमार अग्रवाल ने उक्त भूखंड पर निर्मित मकान को अपने पुत्र स्वर्गीय सीताराम अग्रवाल को रहने के लिए दिनांक 25 अक्टूबर 1991 को इकरारनामा निष्पादित किया था इकरारनामा निष्पादन करने के 13 दिन बाद सड़क दुर्घटना में सीताराम की मृत्यु 8 नवम्बर 1991 को हो गई, तब ईश्वर प्रकाश अग्रवाल ने अपनी राजनैतिक पहुंच का फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा करते हुए जालसाजी से तात्कालिक पटवारी स्वर्गीय राम खिलावन चंद्राकर से सांठगांठ कर उक्त भूमि पर निर्मित मकान को स्वर्गीय सीताराम की पत्नी श्रीमती राजेश्वरी अग्रवाल के नाम पर भूमि स्वामी हक में व्यपवर्तित दर्ज करवा कर 1992-93 में फर्जी ऋण पुस्तिका एवं 02/10/1993 को बिक्री नकल बनवाकर अपने पति की मृत्यु के शोक में डूबी हुई लाचार विधवा महिला से दिनांक 14/10/1993 को बैनामा रजिस्ट्री करवा कर अपने पुत्र नाबालिक संजय के नाम पर पंजीयन करवा लिया गया, स्वर्गीय सीताराम अग्रवाल ने अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था उनकी मृत्यु के बाद राजेश्वरी अग्रवाल का अपने मायके से भी संबंध नहीं था, वह शासकीय स्कूल में शिक्षिका है अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों के लालन-पालन को ध्यान में रखते हुए उस असहाय लाचार विधवा ने बिना कुछ सोचे विचारे अपने पति के परिवार के मुखिया ईश्वरप्रकाश के कहने पर पंजीयन कार्यालय जाकर हस्ताक्षर कर दिया था|

जांच का विषय

(1) लीज पर मिली शासकीय भूमि का नामांतरण स्वर्गीय राम कुमार अग्रवाल के नाम से श्रीमती राजेश्वरी अग्रवाल के नाम पर किन नियमों के तहत और कैसे हुआ?

(2) क्या लीज पर मिली शासकीय आवासीय भूमि को बेचा जा सकता है?

(3) किन नियमों के तहत शासकीय घास जमीन को भू स्वामी हक की जमीन बता कर व्यपर्वतीत किया गया?

(4) बसना तहसील कार्यालय के कानूनगो शाखा के दस्तावेजों में उक्त भूखंड का कोई उल्लेख नहीं होने के बावजूद, कंप्यूटराइज ऑनलाइन कराने में दस्तावेज कहां से प्राप्त हुए।

इस प्रकार के रसूखदार भूमाफियाओं पर शासकीय जमीन की हेरा फेरी के तमाम सबूत के बावजूद भी कोई कार्यवाही ना होना राजस्व विभाग के अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा पर प्रश्न चिन्ह अंकित करता है वही शासकीय भूमि पर कब्जा करने वाले भू माफियाओं के हौसले बुलंद कर रहा है...


 
 
 

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