कुछ अलग करने का जुनून महिला सरपंच को पहचान दिला गया।

"""मनरेगा"""
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना,
यह अधिनियम भारत में लागू हुआ 2005 को,
नाम के अनुरूप ,ग्रामीणों को 100 दिन रोजगार की गारंटी देने का वादा करती है। राष्ट्रीय आपदा के रूप में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप के बाद सरकार ने लॉक डाउन के दौरान ही मनरेगा कार्य पर प्रमुखता से कार्य किया है। तालाब गहरीकरण, निजी
डबरी, रोड, सड़क निर्माण, मरम्मत आदि राष्ट्र उन्मुख कार्य चलाया है। जिससे लोगों को रोजगार मिले,आय बनी रहे।
इसी तारतम्य में मनरेगा कार्य बसना ब्लॉक के अंतिम छोर ग्राम पंचायत बेलटिकरी के आश्रित ग्राम भूतहाबहारा में किए जा रहे तालाब गहरीकरण का नज़ारा जो बरबस ही सबका ध्यान आकर्षित कर रहा है। यहां के सरपंच श्रीमती नील कुमारी चौधरी है जो स्वयं मजदूरों के साथ काम करते पाई गई ।मनरेगा में काम कर रहे ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाने एवं अपनत्व की भावना जगाने के लिए वे मजदूरों के बीच रहती हैं कभी उस मजदूर का हाथ बटाती है तो कभी उस मजदूर का।

अपने बीच अपनी नेत्री को इस रूप में पाकर ग्रामीण जन उत्साह और खुशी से फूले नहीं समा रहे थे लगता था यहां कोई उत्सव सा माहौल निर्मित हो गया है ।ग्राम भूतहाबहारा के 2 तालाबों का गहरीकरण का काम बड़े ही सलीके से किया गया है। तालाब गहरीकरण के दौरान जो पत्थर मजदूरों ने निकाले हैं उन्हें बकायदा मेड़ में पिचिंग के रूप में उपयोग किया गया है। मापदंड के अनुरूप कार्य जारी है ।सरपंच श्रीमती नील कुमारी चौधरी द्वारा कराए जा रहे कार्य की क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है ।अधिकारी भी उनके कार्यों की सराहना कर रहे हैं।निश्चित ही यह महिला सशक्तिकरण का एक और उदाहरण साबित होगा।






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