google.com, pub-3310156774694367, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page
WhatsApp Image 2025-09-10 at 15.54_edite
ADN FILMS POSTER

BREAKING ADN NEWS

WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-08 at 12.10.10.jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (2).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.31 (1).jpeg
WhatsApp Image 2026-09-19 at 09.46.30 (1).jpeg

‘महिलाएं पुरुषों की संपत्ति नहीं’, RSS पर राहुल गांधी का बड़ा बयान...

1 day ago
4 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

नई दिल्ली :- लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने संघ को संविधान-विरोधी संगठन बताते हुए आरोप लगाया कि उसकी विचारधारा में महिलाओं को बराबरी का स्थान नहीं दिया जाता। राहुल गांधी ने दावा किया कि आरएसएस केवल पुरुषों का संगठन है और वह महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति के रूप में देखता है। मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। कांग्रेस नेता ने अपने विचारों को 'शिव-शक्ति' दर्शन से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें आरएसएस के खिलाफ वैचारिक लड़ाई लड़ने में खुशी होती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके विचारों के समर्थन में बड़ी संख्या में महिलाएं खड़ी हैं।


राहुल गांधी ने RSS पर लगाए गंभीर आरोप कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस संविधान के मूल्यों के विपरीत काम करने वाला संगठन है। राहुल गांधी ने संघ में महिलाओं की भूमिका को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उनका दावा है कि संगठन में केवल पुरुष शामिल हैं और महिलाओं को बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है।


हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं। इन्हें संगठन की आधिकारिक नीति या प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। 'शिव-शक्ति दर्शन में विश्वास करता हूं' राहुल गांधी ने आरएसएस के खिलाफ अपने राजनीतिक और वैचारिक विरोध को धार्मिक दर्शन से भी जोड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "मुझे RSS के खिलाफ लड़ने में बहुत खुशी है, क्योंकि मैं 'शिव-शक्ति' दर्शन में विश्वास करता हूं।" इस बयान के माध्यम से राहुल गांधी ने अपने विचारों में शक्ति और महिला सम्मान के महत्व को रेखांकित करने का प्रयास किया।


उन्होंने यह भी कहा कि उनके पक्ष में कई महिलाएं खड़ी हैं। कांग्रेस नेता का यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में महिला अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक मूल्यों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। महिलाओं की समानता को लेकर उठाए सवाल राहुल गांधी के आरोपों का प्रमुख केंद्र आरएसएस में महिलाओं की स्थिति और संगठन की वैचारिक सोच है। उन्होंने संघ को पुरुष प्रधान बताते हुए आरोप लगाया कि वह महिलाओं को समान अधिकार देने की सोच नहीं रखता।


भारतीय संविधान महिलाओं और पुरुषों को समानता का अधिकार प्रदान करता है। संविधान का अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता सुनिश्चित करता है, जबकि अनुच्छेद 15 लिंग के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है। ऐसे में महिलाओं की समानता का विषय राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। हालांकि, किसी संगठन को संविधान-विरोधी घोषित करना एक गंभीर आरोप है, जिसके लिए उसके विचारों और गतिविधियों का तथ्यात्मक मूल्यांकन आवश्यक होता है।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक संरचना को लेकर पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है। आरएसएस की मुख्य स्वयंसेवक शाखा परंपरागत रूप से पुरुषों के लिए संचालित होती है। वहीं, महिलाओं के लिए राष्ट्र सेविका समिति नामक एक अलग संगठन भी कार्यरत है, जिसकी अपनी संगठनात्मक संरचना है। इसलिए राहुल गांधी के बयान में महिलाओं की भागीदारी को लेकर उठाए गए सवालों को संघ की वास्तविक संगठनात्मक व्यवस्था के संदर्भ में समझना आवश्यक है। महिलाओं के प्रति संघ की विचारधारा को लेकर राहुल गांधी का आरोप उनका राजनीतिक दृष्टिकोण है। इस मामले में आरएसएस की ताजा प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।


राहुल गांधी का यह बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के संदर्भ में सामने आया है। आरएसएस की स्थापना वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संगठन अपना स्थापना दिवस विजयादशमी के अवसर पर मनाता है। राहुल गांधी ने इसी अवसर पर संघ की विचारधारा और महिलाओं के प्रति उसके कथित दृष्टिकोण को लेकर सवाल उठाए। उनकी टिप्पणी को कांग्रेस और आरएसएस के बीच लंबे समय से जारी वैचारिक मतभेदों के संदर्भ में देखा जा रहा है।


कांग्रेस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच संविधान, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक समानता और राष्ट्रवाद जैसे विषयों पर लंबे समय से वैचारिक मतभेद रहे हैं। राहुल गांधी विभिन्न राजनीतिक मंचों से संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय का मुद्दा उठाते रहे हैं। वहीं, आरएसएस स्वयं को सांस्कृतिक और सामाजिक संगठन के रूप में प्रस्तुत करता है। राहुल गांधी ने अपने ताजा बयान में संविधान और महिला समानता के मुद्दों को जोड़ते हुए संघ की आलोचना की है। इस तरह का राजनीतिक विमर्श देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग विचारधाराओं के बीच जारी बहस का हिस्सा है।


राहुल गांधी का यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में आया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि पुलिस ने आरएसएस और भाजपा समर्थकों को महिला प्रदर्शनकारियों तथा युवाओं पर हमला करने की छूट दी। यह आरोप मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच लगाया गया था। हालांकि, पुलिस पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। इसलिए इन्हें राहुल गांधी के आरोपों के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।


RSS की प्रतिक्रिया पर नजर राहुल गांधी के आरोपों के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संभावित प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। कांग्रेस नेता ने संघ के संवैधानिक दृष्टिकोण और महिलाओं के प्रति उसकी सोच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसे में संगठन की ओर से आने वाला कोई आधिकारिक बयान इस राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दे सकता है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में आरएसएस की ओर से इन ताजा आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। राहुल गांधी ने फिर स्पष्ट किया वैचारिक विरोध राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर दिए अपने बयान से एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति अपना वैचारिक विरोध स्पष्ट किया है।


उन्होंने संघ को संविधान-विरोधी बताते हुए महिलाओं की समानता का मुद्दा उठाया और अपनी सोच को शिव-शक्ति दर्शन से जोड़ा। इससे पहले वह मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण से जुड़े विवाद के दौरान भी आरएसएस-भाजपा समर्थकों और दिल्ली पुलिस पर आरोप लगा चुके हैं। राहुल गांधी के ताजा बयान ने संविधान, महिला अधिकारों और राजनीतिक विचारधारा से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनके आरोपों पर आरएसएस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और स्वतंत्र तथ्यात्मक पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।


Comments


© 2018 by Anis lala dani. Proudly created with breakingadnnews.com

  • Subscribe Channale
bottom of page
naver-site-verification: navere8d42c0359e3e135363406d5b6093c27.html