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जल संरक्षण से आजीविका की नई राह, आजीविका डबरी बनी किसानों का सहारा...

Sep 7
3 min read

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ आजीविका के नए अवसर विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब गांवों में दिखाई देने लगा है। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत निर्मित आजीविका डबरी किसानों के लिए सिंचाई, खेती और मछली पालन जैसी गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ाने का आधार बन रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सपना के किसान जयलाल के लिए यह डबरी ऐसी ही बहुउपयोगी परिसंपत्ति बनकर सामने आई है।


किसान जयलाल ने बताया कि जी-राम-जी योजना के तहत उनके लिए आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया है। बारिश के दौरान इसमें पानी एकत्र हो जाता है, जो लंबे समय तक उपलब्ध रहता है। आवश्यकता के अनुसार इसी पानी का उपयोग खेतों में सिंचाई के लिए किया जा रहा है। डबरी बनने से खेती के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर पहले जैसी परेशानी नहीं रही और फसलों की सिंचाई करना आसान हुआ है।


सिंचाई के साथ मछली पालन से बढ़े आजीविका के अवसर-

किसान जयलाल ने बताया कि आजीविका डबरी का उपयोग केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। उन्होंने डबरी में मछली पालन भी शुरू किया है। इसके साथ ही लगभग 50-60 डिसमिल भूमि में सेमी की खेती कर रहे हैं। इस प्रकार एक ही जल संरचना उनके लिए खेती की सिंचाई के साथ अतिरिक्त आय का साधन भी बन गई है। उन्होंने बताया कि पहले खेती के लिए पानी की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण था। बारिश के पानी को संरक्षित करने की सुविधा नहीं होने के कारण उपलब्ध जल का पूरा उपयोग नहीं हो पाता था। अब डबरी में संग्रहित पानी को जरूरत के समय खेतों तक पहुंचाकर सिंचाई की जा रही है। इससे खेती को नियमितता मिली है और मछली पालन के माध्यम से आय का अतिरिक्त जरिया भी विकसित हुआ है।


पानी का संरक्षण, खेती को संबल और आय में बढ़ोतरी-

आजीविका डबरी ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को आजीविका से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर संरक्षित करने से जहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है, वहीं उसी जल संरचना का उपयोग मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा है। ग्राम सपना के किसान जयलाल का अनुभव इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। डबरी के माध्यम से उन्हें खेती के लिए पानी की उपलब्धता के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिला है। इससे ग्रामीण परिसंपत्तियों के बहुउपयोग और स्थानीय स्तर पर आजीविका सुदृढ़ करने की दिशा में योजनाओं की उपयोगिता सामने आती है।


आजीविका डबरी से मिली सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए किसान जयलाल ने कहा, “डबरी बनने से सिंचाई की सुविधा हो गई है। खेती-बाड़ी करने में अब परेशानी नहीं होती। डबरी के पानी से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं और मछली पालन भी कर रहे हैं।” उन्होंने आजीविका डबरी के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबरी से उन्हें खेती के लिए पानी मिला है और इसके माध्यम से वे खेती-बाड़ी के साथ मछली पालन कर अपनी आजीविका को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


उन्होंने कहा, “इसके लिए विष्णु भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद।” जी-राम-जी योजना के माध्यम से निर्मित आजीविका डबरी जल संरक्षण को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने का प्रभावी उदाहरण बन रही है। ग्राम सपना में किसान जयलाल के लिए यह डबरी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ खेती, सिंचाई और मछली पालन के जरिए आय के नए अवसरों का आधार बनी है।

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