अमेरिका का रणनीतिक तेल भंडार 44 साल के सबसे निचले स्तर पर...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
वॉशिंगटन :- अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में भारी गिरावट दर्ज की गई है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) घटकर लगभग 28.27 करोड़ बैरल रह गया है। यह अक्टूबर 1982 के बाद का सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के आंकड़ों के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में रणनीतिक भंडार से तीन लाख बैरल तेल कम हुआ। लगातार घटते भंडार ने अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य में संभावित तेल आपूर्ति संकट से निपटने की क्षमता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 20 मार्च 2026 के मुकाबले अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में करीब 13.28 करोड़ बैरल की कमी आई है। यह लगभग 32 प्रतिशत की गिरावट है। इस दौरान अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति में व्यवधान से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर आपातकालीन भंडार से कच्चा तेल उपलब्ध कराया है।
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के ताजा साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व 282.683 मिलियन बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भंडार लगभग 282.983 मिलियन बैरल था। यानी एक सप्ताह में करीब तीन लाख बैरल की कमी दर्ज की गई। यह स्तर लगभग 44 वर्षों में सबसे कम है। वर्ष 1982 के बाद पहली बार अमेरिकी रणनीतिक तेल भंडार इतनी निचली स्थिति में पहुंचा है। मार्च 2026 में यह भंडार करीब 415.4 मिलियन बैरल था। इसके बाद लगातार तेल निकासी से भंडार में बड़ी कमी आई है।
अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में गिरावट लंबे समय से जारी है। उपलब्ध साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 30 सप्ताह में 29 सप्ताह ऐसे रहे, जब भंडार में कमी दर्ज की गई।
यह आंकड़ा दिखाता है कि अमेरिका अपने आपातकालीन तेल भंडार का लगातार इस्तेमाल कर रहा है। मार्च से अक्टूबर के बीच भंडार में लगभग 13.28 करोड़ बैरल की कमी आई है। इतनी बड़ी मात्रा में तेल निकालना अमेरिकी ऊर्जा नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग असाधारण परिस्थितियों में तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए किया जाता है। हालांकि, लगातार निकासी होने से भविष्य में किसी नए आपूर्ति संकट के दौरान उपलब्ध आपातकालीन विकल्प सीमित हो सकते हैं।
अमेरिका के रणनीतिक तेल भंडार में गिरावट की प्रमुख वजह मध्य पूर्व में संघर्ष और उससे पैदा हुई तेल आपूर्ति की समस्या है। मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के सदस्य देशों ने वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान से निपटने के लिए लगभग 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का समन्वित फैसला किया था। इस योजना के तहत अमेरिका ने लगभग 17.22 करोड़ बैरल तेल उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई। अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने आपातकालीन एक्सचेंज व्यवस्था के जरिए तेल जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत कंपनियों को अभी कच्चा तेल दिया जाता है, जिसे भविष्य में अतिरिक्त मात्रा के साथ लौटाना होता है। इसका उद्देश्य आपूर्ति में तत्काल कमी को दूर करना और तेल बाजार को स्थिर करने में मदद करना है।
स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व अमेरिका का आपातकालीन कच्चा तेल भंडार है। इसे विशेष परिस्थितियों में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया था। इसकी शुरुआत वर्ष 1977 में हुई थी। अमेरिका ने अपनी तेल सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से बड़े भूमिगत भंडारण केंद्र विकसित किए। इन केंद्रों में कच्चा तेल जमीन के भीतर नमक की विशाल प्राकृतिक संरचनाओं में सुरक्षित रखा जाता है। अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व की अधिकृत भंडारण क्षमता लगभग 71.4 करोड़ बैरल है। वर्तमान में इसमें क्षमता के लगभग 40 प्रतिशत के बराबर तेल मौजूद है। इससे स्पष्ट होता है कि आपातकालीन भंडार अपनी अधिकतम क्षमता से काफी नीचे पहुंच चुका है।
अमेरिका का रणनीतिक तेल भंडार मुख्य रूप से टेक्सास और लुइसियाना में स्थित चार प्रमुख केंद्रों में रखा जाता है। इनमें बिग हिल, ब्रायन माउंड, बेयू चॉक्टॉ और वेस्ट हैकबेरी शामिल हैं। इन केंद्रों में अलग-अलग गुणवत्ता वाला कच्चा तेल संग्रहित किया जाता है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग नियमित रूप से इनकी स्थिति और उपलब्ध तेल की मात्रा की निगरानी करता है। रणनीतिक तेल भंडार केवल घरेलू जरूरतों से जुड़ा विषय नहीं है। अमेरिका वैश्विक तेल बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए उसके भंडार से तेल जारी करने के फैसलों का अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी असर पड़ सकता है।
अमेरिका के सामने अब एक महत्वपूर्ण सवाल रणनीतिक तेल भंडार को दोबारा भरने का है। आपातकालीन एक्सचेंज व्यवस्था के तहत तेल लेने वाली कंपनियों को भविष्य में तेल वापस करना होता है। इससे आने वाले समय में भंडार बढ़ने की संभावना बनी रहती है। हालांकि, भंडार दोबारा भरने की गति तेल की उपलब्धता, सरकारी नीतियों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। #ब्रेकिंगADNन्यूज #अमेरिका #StrategicPetroleumReserve #SPR #कच्चातेल #तेलभंडार #ऊर्जासुरक्षा #अंतरराष्ट्रीयबाजार #तेलकीकीमत #EIA #IEA #Washington






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