यूनेस्को ने कहा स्कूलों में स्मार्टफोन पर रोक लगाएं.....

यूनेस्को ने कहा है,कि स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। यूनेस्को का मानना है, कि इससे बच्चों के सीखने की प्रवृत्ति खराब हो रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ की शिक्षा,विज्ञान और संस्कृति एजेंसी द्वारा एक रिपोर्ट में कहा गया है,इस बात के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं। कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने के कारण विद्यार्थियों की रचनात्मकता प्रभावित हुई है। इसके अलावा आंखों की रोशनी एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें बच्चों में देखने को मिल रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग टूल की तरह होना चाहिए। पारंपरिक शिक्षण प्रणाली को किसी भी हालत में पीछे नहीं छोड़ना चाहिए। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों के आमने सामने जो संवाद होता है। उसका बड़ा महत्व है। अभी भी दुनिया के करोड़ों बच्चों की इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। जिसके कारण शिक्षा के क्षेत्र में कई अन्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनेस्को के महानिदेशक ने कहा कि 25 फ़ीसदी देश स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।
इसमें फ्रांस और नीदरलैंड सबसे आगे हैं। स्कूलों में पढ़ाई स्मार्टफोन के स्थान पर पारंपरिक तरीके से करने पर जोर दिया गया है। भारत में भी स्कूलों में स्मार्टफोन पर रोक लगाने की अनुशंसा की गई है। हालांकि भारत सरकार ने इस दिशा में अभी तक कोई काम नहीं किया है। जिसका असर बच्चों की पढ़ाई और मानसिक विकास में होते हुए दिख रहा है। भारत में भी दूरदराज के गांवों में इंटरनेट की उपलब्धता नहीं है। जिसके कारण शिक्षा के क्षेत्र में लगातार असमानता बढ़ती ही जा रही है।






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