क्रिप्टो में निवेश का झांसा देकर 11 लाख से अधिक की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
रायगढ़ जिले में डिजिटल मुद्रा और क्रिप्टो टोकन में मोटे मुनाफे का लालच देकर एक युवक से ग्यारह लाख साठ हजार रुपए ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित ने अधिक रिटर्न पाने के चक्कर में अपनी पैतृक जमीन तक बेच दी थी, लेकिन ठगों ने न तो मुनाफा दिया और न ही मूल रकम लौटाई। इस मामले में साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित तीन लोगों को धर दबोचा है और सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
जमीन बेचकर लगाई थी गाढ़ी कमाई -
ओडिशा के गंजाम जिले का रहने वाला विक्रम परिडा वर्तमान में चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के कसेर पारा में निवास कर रहा है। उसकी मुलाकात गजुला मोहन नामक व्यक्ति से हुई थी, जो स्थानीय स्तर पर फास्ट फूड दुकान चलाने का काम करता था। आरोपी ने युवक को यूनिटी मेटा टोकन और बीड क्वाइन जैसी डिजिटल योजनाओं में पैसे लगाने पर कुछ ही दिनों में रकम दोगुनी करने का सब्जबाग दिखाया। खुद के भी मुनाफे में होने का झांसा देकर आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया। झांसे में आकर युवक ने अपनी जमीन बेच दी और जुलाई से सितंबर 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 11 लाख 60 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
रकम ऐंठने के लिए इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खाते -
छल कपट का यह खेल पूरी योजना के तहत खेला गया था। आरोपियों ने ठगी की राशि ठिकाने लगाने के लिए चंदन दास के जरिए भावेष पटेल के बैंक खाते का उपयोग किया था। भावेष इस डिजिटल क्वाइन नेटवर्क से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था। तय समय बीतने के बाद जब पीड़ित को कोई रिटर्न नहीं मिला और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दिया। लगातार गुमराह किए जाने के बाद पीड़ित ने तंग आकर साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
खाता खंगालने पर खुला राज -
शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बैंक खातों की स्टेटमेंट्स का बारीकी से विश्लेषण किया गया। दस्तावेजों में पैसों के अवैध ट्रांसफर की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दबिश देकर गजुला मोहन, चंदन दास और भावेष पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद उनके इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों को भी जब्त कर लिया गया है।
पहले से दर्ज है ठगी का आपराधिक इतिहास -
मुख्य आरोपी गजुला मोहन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले भी चक्रधरनगर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो चुका है, जिसमें वह कोर्ट से स्टे लेकर फरार चल रहा था। पुलिस अब इस बात की भी गहराई से छानबीन कर रही है कि इस नेटवर्क के तार ओडिशा और मुंबई तक कहां-कहां फैले हैं तथा ठगी की यह रकम किन-किन अन्य खातों में डायवर्ट की गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बिना पूरी जांच-पड़ताल किए किसी भी ऑनलाइन या क्रिप्टो स्कीम में अपनी गाढ़ी कमाई निवेश न करें।






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