ऑर्केस्ट्रा में जबरन डांस कराई जा रहीं छत्तीसगढ़ की 3 नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू....

ब्रेकिंग ADN न्यूज़ :-
बिलासपुर/भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले में मानव तस्करी और बाल शोषण का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने रतनपुर गांव में छापेमारी कर छत्तीसगढ़ की तीन नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया है। इन बच्चियों से ऑर्केस्ट्रा, शादी समारोहों और बर्थडे पार्टियों में जबरन डांस करवाया जाता था।
इस गंभीर मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भोजपुर निवासी रंजीत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह और छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा की रहने वाली सलमा बेगम शामिल हैं। इन दोनों पर बच्चियों से बंधुआ मजदूरी कराने और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है।
बिना पैसे दिए कराया जाता था काम: -
भोजपुर एसपी अवधेश कुमार दीक्षित को इस गिरोह की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद सदर एसडीपीओ-1 और साइबर डीएसपी रौशन कुमार के नेतृत्व में महिला पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। गुरुवार शाम टीम ने रतनपुर गांव में रंजीत सिंह के ठिकाने पर अचानक दबिश दी और बच्चियों को सुरक्षित निकाल लिया।
रेस्क्यू के बाद बच्चियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें पार्टियों में डांस करने के लिए मजबूर किया जाता था। लगातार काम करवाने के बावजूद आरोपियों ने उन्हें आज तक एक भी रुपया नहीं दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल कल्याण समिति (CWC) को भी तुरंत इसकी सूचना दे दी गई है।
कथित मौसी ही निकली तस्कर: -
पुलिस की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी सलमा बेगम खुद को इन बच्चियों की मौसी बताती है। उसी ने रंजीत सिंह के साथ मिलकर इन बच्चियों को काम दिलाने के बहाने छत्तीसगढ़ से बिहार भेजा था।
फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) और बंधुआ मजदूरी कानून के तहत संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। तीनों बच्चियों को बाल संरक्षण गृह की देखरेख में सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द ही उन्हें उनके परिजनों को सकुशल सौंप दिया जाएगा।






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