‘जोश टीम’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ से टीबी उन्मूलन अभियान को मिली नई गति...
छत्तीसगढ़ में पहली बार 4 विकासखंड टीबी मुक्त घोषित...

पत्रकार अमृतेश्वर सिंह की क़लम से:-
रायपुर: छत्तीसगढ़ में टीबी उन्मूलन की दिशा में जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए राज्य में ‘जोश टीम’ का राज्य स्तरीय शुभारंभ खड़गवां से किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला स्तर पर इसका शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की जा रही इस पहल के अंतर्गत ‘माय भारत’ के युवा स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में पहली बार चार विकासखंडों—खड़गवां, सोनहत, बतौली व घरघोड़ा को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इन क्षेत्रों ने न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत में प्रथम टीबी मुक्त विकासखंड होने का गौरव अपने नाम किया है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग का सामूहिक दायित्व है। युवाओं की ऊर्जा और जनभागीदारी से इस अभियान को एक नई गति दी जा सकती है। उन्होंने समय पर जांच, नियमित उपचार और उपचार की पूर्णता के साथ-साथ टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने बताया कि ‘जोश टीम’ के माध्यम से ‘माय भारत’ और एनसीसी से जुड़े युवा अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और बचाव के बारे में जागरूक करेंगे। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से यह संदेश गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025 के लिए राज्य की 4,676 टीबी मुक्त पंचायतों को भी जिला स्तर पर सम्मानित किया गया।
चार विकासखंडों की यह उपलब्धि बनी प्रेरणा -
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार चार विकासखंडों का टीबी मुक्त घोषित होना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, मितानिनों, निक्षय मित्रों, स्वयंसेवी संगठनों और समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब आवश्यकता है कि इन क्षेत्रों में इस उपलब्धि को बनाए रखा जाए और अन्य विकासखंडों को भी टीबी मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।
उन्होंने कहा कि हर संभावित मरीज की समय पर पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार और कोर्स पूरा कराना हमारी प्राथमिकता है। साथ ही टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक सहयोग सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।
युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा जनअभियान -
कार्यक्रम में ‘माय भारत’ एवं एनसीसी के जिला अधिकारियों और युवा स्वयंसेवकों से आह्वान किया गया कि वे टीबी उन्मूलन के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। युवाओं के माध्यम से लोगों को लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और नियमित उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को और अधिक मजबूत करने का प्रण लिया। इसी कड़ी में ‘जोश टीम’ के जरिए युवाओं की सहभागिता बढ़ाकर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों को निरंतर जारी रखने का संदेश दिया गया।






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