इस 14 प्रस्तावों पर लगी मुहर,कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक संपन्न…

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
हैदराबाद में कांग्रेस कार्यसमिति की पहली बैठक सम्पन्न हुई. राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाई गई. इस दौरान कुल 14 प्रस्तावों पर मुहर लगी. जो इस प्रकार हैं –
सबसे पहले, कांग्रेस कार्य समिति जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए हमारे बहादुर सैन्य अधिकारियों और सैन्य कर्मियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है. जब इस त्रासदी की ख़बरें सामने आ रही थी और देश शोक मना रहा था तब भाजपा और प्रधानमंत्री द्वारा ख़ुद को G20 की बधाई देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में जश्न मनाना न सिर्फ़ बेशर्मी की पराकाष्ठा है, बल्कि जवानों की शहादत का अपमान है.
CWC पिछले एक वर्ष में कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण योगदानों के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे की सराहना करती है. वह एक प्रेरणादायक नेता के साथ-साथ सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण की मुखर आवाज़ रहे हैं |
कांग्रेस कार्य समिति राहुल गांधी के नेतृत्व में कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की पहली वर्षगांठ पर प्रसन्नता व्यक्त करती है. यात्रा देश की राजनीति में एक परिवर्तनकारी घटना थी. जिसका उद्देश्य भारत को तोड़ने वाली शक्तियों के खिलाफ़ लोगों को एकजुट करना, बढ़ती असमानता, घटती आय, बढ़ती बेरोज़गारी और आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों के विरुद्ध लोगों की आवाज़ उठाना और बढ़ती तानाशाही, लोकतांत्रिक संस्थानों पर कब्ज़े और हमारे संघीय ढांचे पर हो रहे हमलों का विरोध करना था|
CWC मणिपुर में संवैधानिक तंत्र के पूरी तरह से ध्वस्त होने और वहां जारी हिंसा पर गहरा दुख व्यक्त करती है. चार महीने से ज्यादा समय से राज्य में हिंसा और अशांति का दौर जारी है. इतने दिनों में भाजपा की ध्रुवीकरण की नीतियों की वजह से राज्य बुरी तरह से विभाजित हो जुका है. प्रधानमंत्री की चुप्पी और उपेक्षा, गृह मंत्री की विफलता और मुख्यमंत्री के अड़ियल रवैये ने बेहद ही ख़तरनाक स्थिति पैदा कर दी है |
कांग्रेस कार्यसमिति याद दिलाना चाहती है कि लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने पहले भाषण में प्रधानमंत्री ने जातिवाद, सांप्रदायिकता और क्षेत्रवाद पर 10 साल के लिए रोक लगाने का आह्वान किया था. विडंबना यह है कि भाजपा और इस सरकार द्वारा अपनाई गई विभाजनकारी और भेद-भाव से भरी नीतियों और प्रधानमंत्री द्वारा लोगों को एकजुट करने के बजाय चुनिंदा मामलों पर अपनी चुप्पी की वजह से पिछले नौ वर्षों में ये तीनों ही समस्याएं कई गुना बढ़ गई हैं |
कांग्रेस कार्यसमिति मोदी सरकार को MSP और अन्य मांगों के मुद्दों पर किसानों और किसान संगठनों से किए गए वादों की याद दिलाती है. किसान बढ़ते कर्ज़ के बोझ तले दबे हुए हैं. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था गहरे संकट में है. नोटबंदी की मार और सरकार से किसी भी तरह का सपोर्ट न मिलने के कारण MSME सबसे ख़राब दौर में हैं. एक्सपोर्ट मार्केट सिकुड़ गया है और निर्यात में गिरावट आई है |
CWC बढ़ती बेरोज़गारी और विशेष रूप से आवश्यक वस्तुओं की क़ीमतों में लगातार वृद्धि पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है. वादे के अनूरूप हर साल दो करोड़ नौकरी देने में विफल रहने के बाद प्रधानमंत्री का तथाकथित रोज़गार मेला तमाशा के अलावा कुछ नहीं है. यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ़ और सिर्फ़ धोखा है. 2021 में होने वाली दशकीय जनगणना करवाने में विफल होना शर्म की बात है |
CWC नए संविधान के लिए शुरू की गई चर्चा और दुर्भावना से भरे तर्कों को सिरे से ख़ारिज करती है, जिसमें कहा गया कि इसकी मूल संरचना को बदला जा सकता है. बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर और उनके साथ के अन्य देशभक्तों द्वारा तैयार किए गए संविधान पर भाजपा सरकार के हमले की सभी लोकतांत्रिक शक्तियों द्वारा भर्त्सना की जानी चाहिए और विरोध किया जाना चाहिए. हमारा संविधान महात्मा गांधी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में हमारे स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को दर्शाता है |
इस सरकार के आने के बाद से संसदीय बहस और जांच लगभग गायब ही हो गई है. कई महत्वपूर्ण और दूरगामी कानून को उचित जांच और चर्चा के बिना जल्दबाज़ी में आगे बढ़ा दिया गया है. संसद में पेश किया गया मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति आदि) विधेयक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से गंभीर समझौता करने वाला है. सरकार अचानक संसद का विशेष सत्र बुला लेती है |
CWC बिज़नेस ग्रुप के लेनदेन पर अबतक हुए और अभी भी लगातार हो रहे गंभीर एवं चौंकाने वाले खुलासों की जांच के लिए JPC की मांग को दोहराती है. क्योंकि अडानी ग्रुप प्रधानमंत्री की घनिष्ठ मित्रता और सरकार की पक्षपातपूर्ण नीतियों और प्रशासनिक उदारता का प्रमुख लाभार्थी रहा है.
एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का प्रस्ताव देश के संघीय ढांचे पर एक और हमला है. मोदी सरकार ने राज्यों के कर राजस्व हिस्सेदारी में कमी करके, राज्यपाल के कार्यालयों का दुरुपयोग करके, विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों में योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने में बाधाएं उत्पन्न करके – जैसा कि कर्नाटक में फ़ूड सिक्योरिटी गारंटी के मामले में हुआ- सुनियोजित ढंग से संघवाद को कमज़ोर कर दिया है |
CWC स्पष्ट शब्दों में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ और नक्शा में अरुणाचल प्रदेश और भारत के अन्य हिस्से को शामिल करने जैसी उसकी उकसावे की नीति की निंदा करती है. यह बेहद अफ़सोसजनक है कि 19 जून, 2020 को चीन को क्लीन चिट देकर और भारतीय क्षेत्र पर क़ब्ज़े की बात से इंकार करके प्रधानमंत्री ने देश को गुमराह किया |
अंत में CWC इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) की निरंतर एकजुटता का तहे दिल से स्वागत करती है. इससे प्रधानमंत्री और भाजपा काफ़ी बौखलाए हुए हैं. CWC INDIA की पहल को वैचारिक और चुनावी रूप से सफल बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी के संकल्प को दोहराती है ताकि हमारा देश विभाजनकारी और ध्रुवीकरण की राजनीति से मुक्त हो, सामाजिक समानता और न्याय मे विश्वास रखने वाली ताकतें मज़बूत हों और लोगों को एक उत्तरदायी, संवेदनशील, पारदर्शी, जवाबदेह और ज़िम्मेदार केंद्र सरकार मिले |






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