श्रमिकों का अस्पताल 17 करोड़ मिलेंगे तभी पूरा होगा....

बड़े जोर-शोर से तत्कालीन केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने श्रमिकों के लिए 100 बिस्तर अस्पताल का शिलान्यास किया था। करीब पांच साल बाद पीएम मोदी रायगढ़ में हैं तो भी यह अस्पताल अधूरा पड़ा है। अब 17 करोड़ का फंड मिलेगा तभी काम पूरा होगा। कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने इस प्रोजेक्ट से मुंह मोड़ लिया है। केंद्र सरकार ने रायगढ़ जिले में उद्योगों की संख्या अधिक होने के कारण परसदा में श्रमिकों के लिए 100 बिस्तर वाले ईएसआईसी हॉस्पिटल की स्वीकृति दी थी। 3 मई 2018 को करीब 73 करोड़ की लागत से बनने वाले हॉस्पिटल का शिलान्यास हुआ था। करीब दो साल में बनकर तैयार होने वाला अस्पताल पांच साल बाद भी अधूरा ही है।
करीब पांच महीने पहले अस्पताल का निरीक्षण करने नई दिल्ली से ईएसआईसी की टीम आई थी। निर्माण एजेंसी सीपीडब्ल्यूडी है और ठेका एशियन कंस्ट्रक्शन को मिला है। सिविल वर्क अंतिम चरण में है, लेकिन ईएसआईसी की वजह से प्रोजेक्ट मुश्किल में पड़ गया है। दरअसल, 75 करोड़ में से 66 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब करीब सात करोड़ भी बिजली और दूसरे सिविल वर्क में खत्म हो जाएंगे। फर्नीचर और ऑक्सीजन पाइप लाइन का काम अभी बचा हुआ है। पानी की व्यवस्था के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई जाएगी बल्कि बोरवेल से ही काम चलाया जाएगा। बचे हुए कामों के लिए सीपीडब्ल्यूडी ने 17 करोड़ रुपए ईएसआईसी से मांगे हैं। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई। इसके बिना टेंडर ही नहीं होगा ।






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