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वीडियो बनाने की परंपरा खेल-खेल में हुई शुरू तो छाया हर जगह...पढ़े पूरी खबर

Oct 5, 2023
2 min read




































































रायपुर। छत्तीसगढ़ अपने अंदर बहुत बड़ी संस्कृति और इतिहास को समेटे है.इस प्रदेश में जैव विविधता के साथ प्रकृति की सुंदरता देखते ही बनती है.छत्तीसगढ़ की तस्वीर अब देश से लेकर विदेश तक पहुंच रही है.इसमें सबसे बड़ा योगदान प्रदेश में रहने वाले नौजवानों का भी है.जो अपने ब्लॉग्स और वीडियो में प्रदेश के गांवों की संस्कृति को दिखाते हैं.रायपुर से 65 किलोमीटर दूर ऐसा ही एक गांव है.जिसका नाम है तुलसी.तुलसी गांव की खासियत ये है कि इस गांव में रहने वाले बच्चों से लेकर बूढ़े तक को वीडियो बनाने का शौक है.ग्रामीणों के इस शौक के प्रति सरकार का भी ध्यान गया.लिहाजा सरकार ने गांव में एक स्टूडियो की स्थापना करवाई ताकि वीडियो बनाने के बाद एडिटिंग में किसी भी तरह की कोई दिक्कत ना आए |


ग्राम पंचायत तुलसी में रहने वाले ज्यादातर लोगों को वीडियो बनाने का चस्का लग चुका है.कई लोगों ने खुद का चैनल बनाकर वीडियो अपलोड किए हैं.जिससे उन्हें काफी पॉपुलरिटी भी मिली है.इस गांव में रहने वाले करीब 55 से 60 लोग को यूट्यूब के जरिए पैसा और नाम दोनों ही कमा रहे हैं. गांव में बनने वाले वीडियो में खास बात ये है कि वीडियो में बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी कलाकार की भूमिका निभाते हैं. इसका फिल्मांकन भी तुलसी गांव और उसके आसपास के दूसरे एरिया में किया जाता है.इनके वीडियो सोशल मीडिया में काफी पसंद भी किए जाते हैं. जानकारी के मुताबिक तुलसी गांव की आबादी 6000 है. इस आबादी में 11 सौ यूट्यूबर्स रहते हैं.इनमें से 40 लोग यूट्यूब का चैनल चलाते हैं. ये कहना गलत नहीं होगा कि गांव के हर घर में एक यूट्यूबर्स रहता है. जहां बच्चों से लेकर बूढ़े तक वीडियो बनाते दिख जाएंगे.हमारी टीम ने तुलसी गांव का दौरा किया.तो पता चला कि गांव में वीडियो बनाने की परंपरा खेल-खेल में शुरु हुई |

 
 
 

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