जिम्मेदार डीईओ फर्जी शिक्षक पर कार्यवाही नही कर अपने विभाग को कर रहे कलंकित...

ब्रेकिंग ADN न्यूज़:-
फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षाकर्मी की नौकरी हासिल करने वाले लीलाम्बर चंद्रा के ऊपर शिक्षा विभाग द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नही कर विभागीय अधिकारी अपने विभाग को कलंकित तो कर ही रहे है। इसके साथ ही शिक्षक जगत को शर्मशार करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का यही रवैया जारी रहा तो वह दिन दूर नही जब लोगों के मन मे शिक्षक विभाग के प्रति जो सम्मान है वह कम हो जाये।
दरअसल यह पूरा मामला सन 2005 में हुए शिक्षाकर्मी भर्ती से जुड़ा हुआ है। जब जैजैपुर में हुए भर्ती के दौरान लीलाम्बर चंद्रा पिता बृजलाल चंद्रा का भी शिक्षाकर्मी वर्ग 3 में हुआ था। अपने नियुक्ति के समय लीलाम्बर चंद्रा ने सरस्वती शिशु मंदिर सरवानी में अध्यापन कार्य कराने और उसी संस्था का अनुभव प्रमाण पत्र लगाया था। उसी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर लीलाम्बर चंद्रा को 6 अंक मिला जो उसके नियुक्ति का आधार बना। इसी वर्ष 13 फरवरी को देवेन्द्र रात्रे ने सक्ती जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शिकायत करते हुए लीलाम्बर चंद्रा के अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की मांग किया, तब डीईओ ने जांच टीम गठित कर शासकीय कन्या विद्यालय अड़भार के प्राचार्य जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच रिपोर्ट देने को कहा।
अड़भार प्राचार्य के जांच में भी लीलाम्बर चंद्रा का अनुभव प्रमाण पत्र को फर्जी होना पाए जाने की जानकारी अपने जांच रिपोर्ट में सौप दिए। लेकिन हैरानी की बात है जांच रिपोर्ट में फर्जी पाए जाने के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किसी तरह की कोई कार्यवाही नही किया गया। तब आरटीआई कार्यकर्ता ने इस पूरे मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सक्ती को करते हुए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षक पर कार्यवाही की मांग की। तब अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ने पूरे मामले की जांच किया, तो एसडीओपी सक्ती को भी शिक्षक का अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी होना मिला।






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