फ्लाईएश और स्लैग से तालाब को ही पाट दिया....

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एक ओर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने तालाबों को बचाने की जिम्मेदारी उद्योगों को दी है। वहीं ऐसे प्राकृतिक जल स्रोतों का नष्ट करने का काम भी यही उद्योग कर रहे हैं। परसदा के पास रोड किनारे एक प्राकृतिक जल स्रोत को फ्लाईएश और स्लैग से पाट दिया गया है। किसी को कानोंकान भनक भी नहीं लगी। जेएसपीएल से भूपदेवपुर रोड पर परसदा गांव के पास मेन रोड किनारे एक प्राकृतिक जल स्रोत था। बारिश होने पर सामने पहाड़ से बहकर आने वाला पानी पुलिया के रास्ते यहां भंडारित होता था, लेकिन अब यह तालाब तकरीबन खत्म होने की कगार पर है।
इसके तीन चौथाई हिस्से में अब फ्लाई एश और स्लैग पाटा जा चुका है। कुछ महीनों पहले इसमें स्लैग डालना शुरू किया गया था। तालाब को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है। इसे संरक्षित करने के बजाय पाट दिया गया है। यहां हर सीजन में पानी भरा होता था। इसकी पड़ताल की गई तो किसी को उद्योग का नाम नहीं मालूम। किसी ने केवल डंपर को यहां स्लैग डालते देखा है। यह पुराना तालाब है। जिसका नामोनिशान मिटने वाला है।
पर्यावरण विभाग को क्यों नहीं दिखा तालाब-
हैरानी की बात है कि इस रोड पर पर्यावरण विभाग की टीम कई बार जांच करने आती है। कभी जेएसपीएल तो कभी जेएसडब्ल्यू में जांच की जाती है। रोड किनारे ही स्थित इस तालाब की हालत पर किसी का ध्यान नहीं गया। फ्लाई एश की अवैध डंपिंग करने वाले माफिया ने इस तालाब को भी निगल लिया है।






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