पंचों ने दिया इस्तीफ सरपंच के इस काम से नाखुश था पूरा पंचायत, जाने क्या है मामला....

ग्राम पंचायतों में सरपंच सचिव की मनमानी और उनके द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा कलेक्टर को शिकायत करने के बाद भी समय पर और सही जांच न कर पाना अधिकारी और सरपंच सचिव की सांठगांठ को दर्शाता है इसे देखते हुए दस पंचो ने सामूहिक इस्तीफा सौंपकर जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
बलौदाबाजार जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैंदा के 10 पंचो ने ग्राम सरपंच सचिव की मनमानी, शिकायती जांच में देरी और प्रशासनिक लापरवाही के चलते कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। जिससे जिले के इस गांव में सुचारू रूप से पंचायती राज के क्रियान्वयन पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत खैंदा के पंचो ने बताया कि ग्राम पंचायत में सामुहिक बैठक नहीं होती विकास कार्य रुके पड़े है सरपंच सचिव अपनी मनमानी कर रहे हैं यहाँ भ्रष्टाचार का बोलबाला खूब दिख रहा है। जनपद पंचायत, जिला पंचायत और कलेक्टर को शिकायत आवेदन कर चुके हैं। लेकिन कार्रवाई का पता नहीं है।
वहीं जब अधिकारी आतें है तो सचिव गायब हो जाते हैं, जिससे परेशान होकर कलेक्टर को इस्तीफा सौंप दिये है इस घटना ने केंद्र और राज्य शासन की सुचारू रूप से क्रियान्वयन हो रहे पंचायती राज व्यवस्था पर सवालिया निशान उठा दिया है. वहीं जिले की निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।
वहीं ये भी पता चला है कि यहां पदस्थ सचिव वही है जिसके द्वारा ग्राम अहिल्दा में कार्य नहीं करवाये जाने, 6 महीने से पंचायत में ताला लटके रहने से सरपंच ने आत्मदाह की चेतावनी दी थी। तब जाकर प्रशासन ने एक्शन लिया और वहां पहुँच ताला खुलवाया था।






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